जयपुर | जयपुर एयरपोर्ट पर 3 माह पहले शुरू हुई ऑटोमैटिक लॉस्ट एंड फाउंड सर्विस के बाद लगेज रहन जाने के मामलों में 85 फीसदी यात्रियों को लगेज लौटाया गया। प्रबंधन अनुसार एआई तकनीक से लैस यह सिस्टम एआई कैमरों का उपयोग करता है। टर्मिनल में लावारिस पड़े लगेज या सामान की फोटो खींचकर विवरण, स्थान, तारीख और समय के साथ आटोमैटिक सिस्टम में दर्ज कर देता है। एयरपोर्ट पर लगेज छूटने या खोने पर यात्री वेबसाइट या अडानी वन एप के जरिए शिकायत कर सकता है। लगेज को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए 5एस विधि (सॉर्ट, सेट इन ऑर्डर, शाइन, स्टैंडर्डाइज और सस्टेन) का भी पालन किया जा रहा है। { नवाचार के लिए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाल ही में क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया की ओर से गोल्ड अवॉर्ड भी दिया गया।


