नमस्कार ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ वाला गाना हो या ‘हनुमान सेना’ की एआई ब्रिगेड वाली कार्रवाई, सोशल मीडिया पर खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा खूब चल रहे हैं। जयपुर में शहीद की प्रतिमा का अनावरण हुआ तो नन्ही बच्ची ने दिल छूने वाली कविता सुनाई। उदयपुर में टूरिस्ट का मोबाइल झील में गिरा तो ‘माथुर साहब’ ने डुबकी लगाकर निकाल दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 40 परसेंट खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा जी अब तक अपने डांस के कारण सोशल मीडिया की रील्स में नजर आते थे। अब तो उन पर मीम्स और रील्स की बाढ़ आ गई है। दैनिक भास्कर के स्टिंग में दिखने के बाद डांगाजी ‘फेमस’ हो गए हैं। यही कारण है कि क्रिएटर्स उनका नाम खूब भुना रहे हैं। हनुमान सेना के नाम से एक क्रिएटर ने तो AI वाले डांगाजी मैदान में उतार दिए। यहां तक कि शहीद भगत सिंह को भी इस मैटर में ले आए, जहां वे भ्रष्टाचार और 40 परसेंट की बात कर रहे हैं। इस बीच एक वीडियो डांस का भी आया है। डांस तो डांगाजी का ओरिजनल है, लेकिन बैकग्राउंड में गाना ‘बैंक बड़ौदा में खातो खुलवायो’ लगा दिया गया है। विधानसभा की सदाचार कमेटी को डांगाजी अपनी बेगुनाही का ठोस सबूत नहीं दे सके। 15 दिन का समय मांगा है। हो सकता है कोई ठोस प्रमाण मिल जाए। तब तक डांगाजी पर रील्स और मीम्स झेलिए। 2. जयपुर के रेनवाल में शहीद की प्रतिमा वतन पर मिटने वालों की चिता पर हर बरस मेले लगने की बात तो अलग है। इससे भी बड़ी बात है कि इन वीरों की कहानियों से बच्चों के कोमल मन में देशभक्ति का बीजारोपण होता है। जयपुर के रेनवाल इलाके के छोटे से गांव जूनसिया के वीर जांबाज मरीन कमांडो महेंद्र सिंह शेखावत मुंबई के बोट हादसे में शहीद हो गए थे। घटना के एक साल बाद जूनसिया में शहीद महेंद्र सिंह की मूर्ति का अनावरण हुआ। इस कार्यक्रम में पहुंची मासूम सिद्धि ने मूर्ति के सामने खड़े होकर महेंद्र सिंह की वीरता की छोटी से कविता सुनाई। कहा- ऐसे वीर की शहादत सुनकर धरती मां भी रोई होगी। जब इस बच्ची ने वहां मौजूद कमांडो को तिरंगा पर कविता सुनाई तो सब ताली बजाकर उसका उत्साह बढ़ाने लगे। 3. उदयपुर में माथुर साहब ने दिल जीत लिया माथुर साहब को तैरना आता है। वे अक्सर पिछोला झील के अमराई घाट पर तैरने की प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने देखा कि एक नव विवाहिता झील के किनारे खड़ी होकर बेचैनी से पानी निहार रही है। यह एक टूरिस्ट महिला थी, जिसके पति ने उसे आईफोन खरीद कर दिया था। यह फोन एक दिन पहले इसी जगह पानी में गिर गया था। लोगों को जब पता चला कि नव विवाहिता की परेशानी का कारण झील में गिरा फोन है तो माथुर साहब फोन खोजने के लिए तैयार हुए। माथुर साहब ने पानी में छलांग लगाई और तल तक पहुंचकर आईफोन निकाल लिया। आईफोन वाटरप्रूफ था और अब तक चालू हालत में था। फोन पाकर टूरिस्ट की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महिला ने माथुर साहब को धन्यवाद दिया। बदले में उन्होंने बिटिया को आशीर्वाद दिया। दूसरे राज्य से आई महिला मेवाड़ की मेजबानी की कायल हो गई। उसने सभी का आभार जताया। 4 चलते-चलते.. माता-पिता की ईमानदार मेहनत बच्चों की कामयाबी बनकर सामने आती है। बच्चे कामयाब न भी हों, तब भी माता पिता यही चाहते हैं कि वे अपने बच्चों के लिए सब कुछ न्योछावर कर दें। ऐसी ही कहानी है भीलवाड़ा के छोटे से गांव सुवाणा के मुकेश जाट की। वे गांव में ही शौकिया वॉलीबॉल खेलते थे। उनकी बिटिया अनिता भी साथ जाती थी। उसे भी वॉलीबॉल का खेल अच्छा लगने लगा। उसने पिता से वॉलीबॉल खिलाड़ी बनने की इच्छा जाहिर की। वॉलीबॉल की प्रैक्टिस भीलवाड़ा शहर में होती थी। मुकेश की कपड़ों की दुकान थी। बेटी को रोजाना कोच के पास ले जाना और लाना मुश्किल था। इस दौरान दुकान बंद रहती थी। मुकेश ने परमानेंट दुकान बंद कर दी और खेती करने लगे। बेटी अनिता ने भी खूब मेहनत की। उसका चयन अंडर 16 भारतीय वॉलीबॉल महिला टीम में हो गया। एशियन चैंपियनशिप में खेलने के लिए वह जॉर्डन गई। वहां से जब गांव लौटी तो फूल-मालाओं से स्वागत हुआ। पिता-पुत्री ने एक-दूसरे का स्वागत आंसुओं से किया। दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…


