आहोर थाना क्षेत्र के थांवला गांव में शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव में बनी एक धर्मशाला और भबूताराम पुत्र गेनाराम मेघवाल की ओर से किए गए पक्के अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इस कार्रवाई के साथ ही पिछले करीब 12 साल से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। जानकारी के अनुसार, निर्माण के दौरान अतिक्रमण कर पास से गुजर रही सार्वजनिक गली को संकरा कर लगभग बंद कर दिया गया था। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। इस मामले को लेकर सवाराम पुत्र चतराराम चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता सवाराम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस जाब्ते के साथ शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। जांच में गली पर किया गया पक्का अतिक्रमण सही पाया गया, जिसके बाद जेसीबी चलाकर निर्माण हटाया गया। 90 फीट लंबा अतिक्रमण हटाया, गली हुई अतिक्रमण मुक्त कार्रवाई के दौरान करीब 10.5 फीट चौड़ी और लगभग 90 फीट लंबी गली से पक्का अतिक्रमण हटाया गया। इसमें धर्मशाला का करीब 26 फीट लंबा हिस्सा और शेष 63 फीट लंबा निर्माण भबूताराम पुत्र गेनाराम के हिस्से का शामिल था। जेसीबी से पक्का निर्माण तोड़कर गली को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया गया। हल्का विरोध, समझाइश के बाद शांत हुआ मामला अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और प्रशासन को हल्के विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई। इसके बाद बिना किसी बड़े विवाद के कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस-प्रशासन रहा मौके पर तैनात कार्रवाई के दौरान आहोर थानाधिकारी करण सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।


