कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी का नया ट्रेलर आया:भिंडरांवाला-सिखों के गोलियां चलाने वाले सीन हटाए; रिलीज की नई डेट तय

बॉलीवुड एक्टर एवं हिमाचल के मंडी से BJP सांसद कंगना रनोट की पूर्व PM इंदिरा गांधी पर बनाई फिल्म इमरजेंसी का नया ट्रेलर जारी हो गया है। कंगना ने सोशल मीडिया (X) पर ट्रेलर को शेयर किया। इसमें से जरनैल सिंह भिंडरांवाला और सिखों को खालिस्तानी और दूसरे गलत तरीके से पेश करने वाले सारे सीन हटा लिए गए हैं। 14 अगस्त को जारी ट्रेलर में सिखों को गोलियां चलाते हुए दिखाया गया था। सिखों का आरोप था कि इसमें उन्हें आतंकी दिखाने की कोशिश की गई है। इन्हीं सीन पर फरीदकोट से निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह के अलावा सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने एतराज जताया था। सेंसर बोर्ड की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद 17 जनवरी को फिल्म रिलीज होगी। इससे पहले ये फिल्म 6 सितंबर 2024 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से क्लीयरेंस ही नहीं मिला था। पंजाब के सांसद ने कहा था- सिखों के खिलाफ गहरी साजिश
5 महीने पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले उनके सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह के बेटे एवं फरीदकोट से निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने ट्रेलर में दिखाए गए सीनों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि फिल्म इमरजेंसी में सिखों को गलत तरीके से पेश करने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे समाज में शांति और कानून की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। अगर इस फिल्म में सिखों को अलगाववादी या आतंकवादी के रूप में दिखाया गया है तो यह एक गहरी साजिश है। सरबजीत ने कहा था कि यह फिल्म एक मनोवैज्ञानिक हमला है, जिस पर सरकार को पहले से ध्यान देकर दूसरे देशों में सिखों के प्रति नफरत भड़काना बंद कर देना चाहिए। सिख समुदाय के लोगों का आरोप- फिल्म में उनकी छवि गलत दिखाई गई
वहीं SGPC ने भी आरोप लगाया था कि फिल्म में सिखों की छवि को गलत तरीके से दिखाया गया है। MP की जबलपुर सिख संगत ने जबलपुर में कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली थी। यहां कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई थी। 10 बदलाव करने के लिए कहा गया था
इमरजेंसी के विवादित सीनों पर सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स दिखाने को कहा था। CBFC ने कहा था कि मेकर्स को इस फिल्म में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड मिल्हौस निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बयानों के सोर्स पेश करने होंगे। सेंसर बोर्ड ने मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 बदलावों की लिस्ट भेजी थी। इनमें अधिकतर सीन वे थे, जिन पर सिख संगठनों की तरफ से आपत्ति जताई गई थी। फिल्म के एक सीन में पाकिस्तानी सैनिकों को बांग्लादेश शरणार्थियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इसमें उन्हें बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हुए दिखाया गया है। CBFC ने इस सीन पर भी अपनी आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से इस सीन को बदलने या फिर पूरी तरह डिलीट करने के लिए कहा था। फिल्म से 3 सीन करवाए गए थे डिलीट
करीब 4 महीने पहले सिख संगठनों के आपत्ति के बाद CBFC ने फिल्म का सर्टिफिकेट को रोक दिया था। CBFC ने इस फिल्म से 3 सीन डिलीट करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ सख्त हिदायत भी दी थी कि फिल्म को रिलीज करने से पहले इसमें 10 बदलाव किए जाएं। कंगना ने इस पर रोष भी व्यक्त किया था। कंगना ने कहा था- सेंसर बोर्ड वालों को धमकियां मिल रहीं
फिल्म को रिलीज करने से रोकने पर कंगना ने कहा था कि CBFC ने फिल्म को क्लियर कर दिया था, लेकिन बाद में सर्टिफिकेशन पर रोक लगा दी गई। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि जान से मारने की बहुत ज्यादा धमकियां आ रही हैं। सेंसर बोर्ड वालों को भी धमकियां मिल रही हैं। हम पर यह प्रेशर है कि इंदिरा गांधी की हत्या न दिखाएं, भिंडरावाले को न दिखाएं, पंजाब दंगे न दिखाएं। मुझे नहीं पता कि फिर क्या दिखाएं। पता नहीं क्या हुआ कि अचानक से फिल्म को ब्लैक आउट कर दिया गया। इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। देश में जो हालात हैं, उसे देखकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *