बालोतरा जिले के एक युवक की 13 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में सऊदी अरब में मौत हो गई थी। गुरुवार को शव भारत लाया गया। परिजन जोधपुर एम्स में पोस्टमॉर्टम कराना चाहते थे, लेकिन एम्स प्रशासन ने शव रखने से इनकार कर दिया। परिवार पूरी रात शव के साथ अस्पताल में बैठा रहा और मॉर्च्युरी में रखने की गुहार लगाता रहा। एम्स संस्थान पुलिस चौकी पर तैनात कॉन्स्टेबल ने भी एम्स प्रशासन को गिड़ा थानाधिकारी का पत्र दिखाया, जिसमें शव को मॉर्च्युरी में रखने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद पुलिस अधिकारी भी एम्स पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा कि यह भारत सरकार का संस्थान है, इसलिए राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया जा सकता है। शव लेकर जोधपुर एम्स अस्पताल बैठा रहा परिवार
रमेश (मृतक) के भाई गैनाराम ने बताया कि 35 दिन बाद उनके छोटे भाई रमेश कुमार मेघवाल का शव गुरुवार दोपहर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। परिजनों ने रमेश की मौत को लेकर संदेह जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। गैनाराम ने बताया कि वे अपने छोटे भाई का शव लेकर जोधपुर एम्स अस्पताल पहुंचे और पूरी रात वहीं बैठे रहे। एम्स प्रशासन से शव को मॉर्च्युरी में रखने की गुहार लगाई, लेकिन एम्स प्रशासन फिर भी नहीं माना। गैनाराम ने आगे बताया कि पहले एम्स प्रशासन ने परिजनों से पुलिस की ओर से शव को मॉर्च्युरी में रखने के लिए संबंधित थानाधिकारी का एम्स के नाम पत्र मंगवाने को कहा। जब गिड़ा थानाधिकारी का पत्र भी एम्स प्रशासन को भेज दिया गया, उसके बाद भी जोधपुर एम्स प्रशासन ने शव को मॉर्च्युरी में रखने से मना कर दिया। हम बालोतरा के बायतू स्थित सोहड़ा मेघवालों की ढाणी की रहने वाले है। एम्स प्रशासन का अड़ियल रवैया
बॉडी को विदेश से लाने में मदद करने वाले राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा ने भी एम्स प्रशासन के इस रवैये का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के आधार पर एम्स में चिकित्सा या किसी सुविधा में भेदभाव नहीं किया जा सकता है, लेकिन एम्स प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ। रमेश कुमार के परिजनों ने एम्स प्रशासन से बॉडी रखने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन प्रशासन नहीं माना। पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा रवाना
एम्स प्रशासन के इनकार के बाद रमेश के परिजन शुक्रवार सुबह बॉडी को एम्बुलेंस में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा रवाना हो गए। वहीं, एम्स के प्रवक्ता डॉ. जीवनराम ने कहा कि संस्थान में इलाज के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसकी ही बॉडी यहां मॉर्च्युरी में रखी जाती है। दूसरी जगह से आई बॉडी को यहां मॉर्च्युरी में नहीं रखते हैं। ——— रमेश कुमार से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… सऊदी में मौत, एक महीने से शव का इंतजार:भाई बोला- एजेंट धोखे से ले जाकर मारपीट करते थे; हाईकोर्ट ने सऊदी दूतावास को भेजा नोटिस राजस्थान के युवक की सऊदी में मौत, दो साथी फंसे:20 दिन से परिजनों को बॉडी के आने का इंतजार, विदेश मंत्री से मिले सांसद


