हनुमानगढ़ जिले में शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से शुरू हुई हल्की बारिश दोपहर तक रुक-रुक कर जारी रही। हनुमानगढ़, संगरिया, नोहर और पीलीबंगा सहित अन्य तहसील क्षेत्रों में घने बादलों की वजह से सुबह से ही अंधेरा छाया रहा और सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए। बारिश के साथ चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरा दिया। सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही और जो लोग घर से निकले, वे सर्दी से बचाव का पूरा इंतजाम करके निकले। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने की कोशिश करते दिखे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से हुई इस बारिश के बाद कुछ दिनों तक कोहरे छाएगा और तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि इससे गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों के पकने में मदद मिलेगी। हालांकि कुछ इलाकों में गेहूं की फसलों में पानी भरने से नुकसान की आशंका भी है। मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग के 15 जिलों में बादल छाने, बारिश होने और ओले गिरने का येलो अलर्ट जारी किया था। वहीं चूरू, सीकर, अलवर, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं में ओले गिरने की संभावना जताई है। 12 और 13 जनवरी को घने कोहरे का भी अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में मकर संक्रांति के बाद यानी 15 जनवरी को एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की संभावना है। इस सिस्टम का असर उदयपुर, कोटा संभाग के जिलों में रहेगा। यहां 14 जनवरी की देर शाम आसमान में बादल छा सकते हैं और 15 जनवरी को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।


