युवा मित्र संघर्ष समिति टोंक ने युवा मित्रों को वापस लगाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही युवा मित्रों को 11 हजार वाली नई भर्ती अटल प्रेरक में शामिल करने की मांग को लेकर संघर्ष समिति टोंक के जिला अध्यक्ष आशाराम बैरवा के नेतृत्व में कलेक्टर सौम्या झा को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। नौकरी से हटाए गए युवा मित्र कप्तान सिंह मीणा ने बताया कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत की सरकार में 5 हजार युवा मित्रों की आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में भर्ती निकाली गई थी। संभाग स्तर पर परीक्षा व राजधानी जयपुर में साक्षात्कार के बाद चयन किया गया था। इसमें 98 टोंक जिले से सलेक्ट हुए थे। जिनका काम प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव के लोगों को राजस्थान व भारत सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था। इस कार्य में आम जनता को फायदा भी हो रहा था, लेकिन अचानक राजस्थान में सरकार बदलते ही 5 हजार युवाओं को सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को एक आदेश निकाल कर नौकरी से हटा दिया। अपने वादे पर खरी नहीं उतरी सरकार 72 दिनों तक जयपुर स्थित शहीद स्मारक व केबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के घर के बाहर धरना देने के बाद सरकार ने युवा मित्रों को लोकसभा चुनाव बाद वापस नौकरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। युवा मित्रों ने चेतावनी दी है कि जल्द उन्हें वापस नहीं लगाया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


