टोंक जिले में कला शिक्षक एक बार फिर तृतीय और सेंकड ग्रेड टीचरों के पद स्वीकृत भर्ती करने की मांग को लेकर 16 दिसंबर को शांतिपूर्वक तरीके से कलात्मक धरना, प्रदर्शन करेंगे। इसके तहत जिला मुख्यालय पर जिले के बेरोजगार कला शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा 10 मीटर कैनवास पर चित्र बनाकर और संगीत गायन, वीणा, हारमोनियम, ढोलक, तबला समेत अन्य वाध्ययंत्रों से जोरदार कलात्मक एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिले के प्रभारी पुरूषोत्तम सोनी ने बताया कि राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक अनिवार्य कला शिक्षा का शिक्षण नहीं कराया जाता है। कला शिक्षा की पुस्तक उपलब्ध नहीं है। कला शिक्षकों के पद भी सृजित नहीं है और ना भर्ती हो रही है। उसके बाद भी नामांकित लाखों विधार्थियो को 100 अंकों का बिना सैद्धांतिक, प्रायोगिक परीक्षा कराकर फर्जी अंकों का मूल्यांकन कर अंक तालिका में ग्रेड जारी की जाती है। कला शिक्षा शिक्षण नहीं होने से बच्चों सृजनात्मक, रचनात्मकता आनन्द मय शिक्षण नहीं मिल पा रहा है विधार्थी में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। हजारों अभ्यर्थियों को कला शिक्षक डिग्री हर वर्ष दी जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार कला शिक्षकों के द्वितीय व तृतीय श्रेणी पद सृजित कर भर्ती नहीं करने के कारण बेरोजगार कला शिक्षक अभ्यर्थियों में भारी रोष है। इन मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष नरेन्द्र साहू ने बताया कि सोमवार को घण्टाघर के पास धरना स्थल पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जिले के चित्रकला, संगीत कला के अभ्यर्थियों द्वारा शान्तिपूर्ण कलात्मक धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।


