बड़वानी जिला जेल में हत्या के प्रयास के आरोप में बंद एक कैदी दीपक दयला की शनिवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतक दीपक दयला अलीराजपुर जिले का निवासी था और पिछले लगभग एक साल से बड़वानी जिला जेल में धारा 307 (हत्या का प्रयास) के मामले में बंद था। उस पर झगड़े के दौरान अपनी बुआ के लड़के पर चाकू से हमला करने का आरोप था। परिजन बोले-बुधवार तक पूरी तरह ठीक था युवक परिजनों का दावा है कि दीपक पूरी तरह स्वस्थ था। उन्हें बुधवार सुबह करीब 11 बजे फोन पर उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी, लेकिन खेत में काम करने के कारण वे तुरंत संपर्क नहीं कर पाए। दोपहर करीब 3 बजे जब परिजनों की बात हुई, तब दीपक जिला अस्पताल में भर्ती था। जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप मृतक की बहन और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि दीपक को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। उन्होंने जेल प्रशासन पर समय पर जानकारी न देने और घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने सवाल उठाया है कि स्वस्थ होने के बावजूद दीपक की हालत अचानक इतनी गंभीर कैसे हो गई। जेल अधीक्षक बोले-सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ थी पूरे मामले पर बड़वानी जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कैदी दीपक को अचानक सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी। जेल डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। अस्पताल में उसकी सोनोग्राफी सहित अन्य आवश्यक जांचें भी की गईं। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद हुई मौत जेल अधीक्षक के अनुसार, गुरुवार को जब जेल का कंपाउंडर जिला अस्पताल पहुंचा, तब कैदी ने एक बार फिर सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। डॉक्टरों को तुरंत सूचित किया गया और ऑक्सीजन मास्क लगाने की तैयारी की जा रही थी, तभी कैदी की मौत हो गई। शेफाली तिवारी ने यह भी बताया कि कैदी दीपक को पहले से खांसी और कफ की शिकायत थी, जिसके लिए उसे नियमित रूप से दवाइयां दी जा रही थीं।


