मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उमरिया जिले स्थित जंगलों में बाघ और तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अखिल भारतीय बाघ आकलन के फेज-2 सर्वे के दौरान इन क्षेत्रों में बाघ और तेंदुए के पगमार्क मिले हैं। बाघ गणना के निरीक्षण के लिए वन विकास निगम के संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी उमरिया परियोजना परिक्षेत्र के जंगलों में पहुंचे। उन्होंने कक्ष क्रमांक 819 और 820 में पैदल सर्वे किया, जहां टीम को बाघ के पगचिह्नों के साथ-साथ तेंदुए के भी चिन्ह मिले। सर्वे टीम मांसाहारी वन्य प्राणियों के पगमार्क, किल, स्प्रे, विष्ठा और प्रत्यक्ष आवाज जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रही है। इन आंकड़ों को एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड किया जा रहा है, जिससे वन्यजीवों की मौजूदगी और उनके विचरण क्षेत्र का वैज्ञानिक आकलन किया जा सके। संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि सर्वे के दौरान उनके क्षेत्र में बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों के पगमार्क मिले हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य के लिए टीम लगातार जंगल में लगी हुई है और वे स्वयं भी गणना में शामिल हुए। पटौदी ने इसे वन विकास निगम के जंगलों में वन्य प्राणियों की उपस्थिति बढ़ने का एक अच्छा संकेत बताया। बाघ और तेंदुए की इस मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि वन क्षेत्र में पर्यावरण और जैव विविधता की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, जो वन्यजीवों के लिए एक स्वस्थ पर्यावास प्रदान कर रही है।


