जिले के किसान नेताओं ने गंगनहर से जुड़ी कई समस्याएं उठाईं हैं। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी समस्याएं सरकार जल्द से जल्द दूर करे। ऐसा नहीं हाेने पर किसान आंदोलन की राह पकड़ेंगे। हालांकि उन्होंने आंदोलन का कोई निर्धारित कार्यक्रम नहीं बताया, लेकिन कहा कि किसानों की समस्याएं जल्द दूर होनी चाहिए।
गंगनहर के प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंद्रसिंह, किसान नेता रणजीतसिंह राजू, रामपाल और अन्य किसान नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत में इस आशय की जानकारी दी। प्रोजेक्ट चेयरमैन ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान वर्ष 2014 से फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन इसकी डीपीआर अब तक धरातल पर नहीं आई है। उनका कहना था कि फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण नहीं होने से लाखों क्यूसैक पानी पाकिस्तान चला जाता है। फिरोजपुर फीडरका निर्माण करते समय पुरानी बीकानेर कैनाल को भी साफ किया जाना चाहिए। जिससे कि इसके जरिए पानी लिया जा सके।
किसान नेताओं का कहना था कि हर वर्ष पंजाब गंगनहर का 700 से 1000 क्यूसेक शेयर जून से अक्टूबर के बीच लेता रहा है। इसे नवंबर से मार्च के बीच वापस लौटाता रहा है लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।
किसान नेताओं का कहना था कि गंगनहर की वितरिकाएं फिर से बननी चाहिए। गंगनहर के फिरोजपुर स्थित बालेवाला हैड के आरडी 45 से खखां हैड तक 1200 क्यूसैक पानी का लोसेज हो रहा है। इसका कारण गंगनहर की खराब स्थिति, पानी चोरी आदि है। बालेवाला हैड से खखां हैड तक तथा खखां हैड से डाबला हैड तक आरसीसी रीलाइनिंग करवाई जानी चाहिए। गंगनहर की जिन वितरिकाओं को बने बीस वर्ष से ज्यादा समय हो चुका है, उन्हें फिर से बनाया जाना चाहिए।
किसान नेताओं का कहना था कि लिंक चैनल को पक्का किया जाना चाहिए। जिससे कि इसे वैकल्पिक तौर पर उपयोग किया जा सके। लिंक चैनल को पोंड बनाकर गंगनहर के रेग्यूलेशन को स्थाई तरीके से उपयोग में लिया जा सकता है।


