विधायक फंड में कमीशन मांगने के मामले में विधायक रेवंतराम डांगा के जवाब से पार्टी संतुष्ट नहीं हैं। इसकी जानकारी आज बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दी। उन्होने कहा कि हमें विधायक का जवाब मिला। जिससे हम संतुष्ट नहीं है। ऐसे में हमने यह मामला पार्टी की अनुशासन समिति को सौंप दिया हैं। अनुशासन समिति इस मामले की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट सौपेंगी। जिस पर हम निर्णय करेंगे। उन्होने कहा कि हमारे यहां व्यवस्था है, जिसके तहत इस तरह का मामला आने पर हम संबंधित को कारण बताओ नोटिस देते हैं। जवाब आने पर उसकी विवेचना हमारे स्तर पर की जाती हैं। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर मामला अनुशासन समिति को सौंपा जाता हैं। जो तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करती हैं। बीजेपी ने दिया था कारण बताओ नोटिस
बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुए थे। तीनों विधायकों ने एमएलए-लैड को लेकर की जाने वाले सिफारिश के बदले कमीशन मांगा था। स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद बीजेपी ने रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सदाचार कमेटी से कहा-बीमार हूं
तीनों विधायक शुक्रवार को विधानसभा की सदाचार कमेटी के सामने भी पेश हुए थे। कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा के सामने खींवसर विधायक ने कहा- मैं अभी बीमार हूं, थोड़ा समय चाहिए। कमेटी ने उनसे पूछा कि क्या आपने कमीशन मांगा? इस पर तीनों ने खुद को निर्दोष बताया। कमेटी ने उनसे इसके सबूत मांगे तो उन्होंने सबूत पेश करने के लिए समय मांगा। रेवंतराम ने 15, अनीता ने 7 और ऋतु ने 10 दिन का समय मांगा, जिसे कमेटी ने मंजूर कर लिया। अब तीनों विधायकों को अलग-अलग दिन पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। रेवंतराम 15 दिन बाद पूछताछ के लिए पेश होंगे। वहीं अनीता 7 और ऋतु 10 दिन बाद कमेटी के सामने दोबारा पेश होंगी। रेवंतराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर आगे सभी सवालों के जवाब देने की बात कही। डील करते कैमरे में हुए थे कैद
तीनों MLA अपने विधायक फंड से विकास कामों की मनचाही सिफारिश करने के नाम पर डील करते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इस मामले में भास्कर के रिपोर्टर ने डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया और इस भ्रष्टाचार को उजागर किया था।


