सट्टे के बड़े नेटवर्क का सरगना और दो सराफा व्यापारियों की आत्महत्या के मामले में आरोपी आज़ाद खान के अवैध फार्म हाउस पर शनिवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। ग्राम कोलुआ स्थित यह फार्म हाउस उसकी मां शहनाज बानो के नाम पर था, जो नगर पालिका में पार्षद भी हैं। सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक चली। करीब 5 घंटे में दो मंजिला फार्म हाउस पूरी तरह तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शनिवार सुबह तहसीलदार भारतेंदु यादव और एसडीओपी विवेक शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले पूरे फार्म हाउस की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद अंदर रखा सामान बाहर निकलवाया गया और दो जेसीबी से बाउंड्रीवाल तोड़कर भवन गिराया गया। करीब चार घंटे में पूरी इमारत जमींदोज कर दी गई। इस दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि आसपास के पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचे। प्रशासन ने पहले ही फार्म हाउस को लेकर नोटिस जारी किए थे। नियम के अनुसार सड़क से 75 फीट की दूरी छोड़ना जरूरी था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। इसके अलावा न जमीन का डायवर्सन कराया गया और न ही ग्राम पंचायत से अनुमति ली गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे पार्षद राशिद खान उर्फ चिन्ना ने खुद स्वीकार किया कि निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसी वजह से फार्म हाउस को अवैध मानते हुए तोड़ दिया गया। आदित्य सिंह, कलेक्टर अशोकनगर ने कहा- “जिले में जहां भी अवैध निर्माण हैं, वहां कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है।” मनोज खत्री, संभागायुक्त ग्वालियर ने कहा- “मेरी जो बात हुई थी, वह आधिकारिक थी। मैं उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।” फोन पर कार्रवाई रुकवाने की कोशिश : कार्रवाई के दौरान पार्षद राशिद खान ने कई अधिकारियों को फोन कर कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की। उन्होंने ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री से भी बात कर तहसीलदार से बात कराने की कोशिश की। फोन स्पीकर पर डालकर कहा गया कि “थोड़ा समय दे दो’, पर अधिकारियों ने साफ कह दिया कि कार्रवाई एक सेकंड के लिए भी नहीं रुकेगी। इसके बाद बुलडोजर चलता रहा।


