अशोका गार्डन इलाके में क्राइम ब्रांच द्वारा शुक्रवार की रात अवैध शराब पकड़ना और गोदाम सील किया जाना सवालों के घेरे में आ गया है। क्राइम ब्रांच ने एक एक्सयूवी-300 से 19 पेटियां जब्त कर गोदाम को सील किया है। गोदाम में कुल 888 पेटियां रखी मिली थी। इनकी कीमत 60 लाख बताई जा रही है। इधर, शराब ठेकेदार ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर और सहायक आबकारी आयुक्त से शिकायत की है। ठेकेदार का कहना है कि गोदाम से दुकान तक शराब की पेटी ले जाने के लिए गाड़ी गोदाम में खड़ी रहती है। रात में कुछ पुलिसकर्मी जबरदस्ती गोदाम में घुसे और गाड़ी में शराब की पेटियां रखकर उसे ले जा रहे हैं। साथ में ड्राइवर, चौकीदार और गोदाम इंचार्ज को भी ले गए थे। ठेकेदार ने गाड़ी छोड़ने और गोदाम की सील मुक्त कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, क्राइम ब्रांच के अफसरों का कहना है कि गोदाम अवैध रूप से संचालित था। यहां से रात में शराब की सप्लाई की जाती है। आबकारी विभाग से जारी परमिट और भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट मांगी गई है। इस तरह पुलिस कार से गोदाम तक पहुंची क्राइम ब्रांच के मुताबिक सूचना मिली थी कि अशोका गार्डन क्षेत्र में एकतापुरी मैदान के पास काले रंग की कार से अवैध रूप से शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर शुक्रवार रात विशेष टीम गठित कर एकतापुरी मैदान, सेमरा अशोका गार्डन में निगरानी की गई। इस दौरान काले रंग की महिंद्रा एक्सयूवी-300 कार खड़ी मिली। कार में बैठे रतन कॉलोनी करोंद निवासी राजेश मीणा और राजीव नगर, कोटरा सुल्तानाबाद निवासी रामा अहिरवार को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर गाड़ी से 19 पेटियों में भरी अंग्रेजी शराब और बियर बरामद हुई। आरोपियों से शराब के संबंध में लाइसेंस और परिवहन दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब एकतापुरी मैदान, सेमरा स्थित एक गोदाम से लाई गई थी। इस पर क्राइम ब्रांच ने गोदाम पर दबिश दी, जहां शंकराचार्य नगर, बजरिया निवासी गजेंद्र रावत मिला। पूछताछ में उसने अवैध रूप से शराब का भंडारण और सप्लाई करना स्वीकार किया। जांच में गोदाम में कोई साइन बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर या अन्य वैध अभिलेख नहीं मिले। तीनों आरोपियों को आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। डीसीपी क्राइम ने कहा- कार्रवाई वैध
मामले में जांच हेतु आबकारी विभाग को सूचित किया गया। डीसीपी क्राइम अखिल पटेला का कहना है कि मैदान में अवैध गोदाम संचालित था। वाट्सएप, यूपीआई लेनदेन और बैंक डिटेल के माध्यम से अवैध तस्करों की जांच की जा रही है। वहीं शराब ठेकेदार मनोज आसुदानी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोदाम पूरी तरह वैध है और सभी लाइसेंस पहले से प्राप्त हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।


