निजी वेयर हाउस में अनाज सु​रक्षित नहीं:वेयर हाउस संचालक ने 1400 क्विंटल सरकारी गेहूं बेचा, शाजापुर में 8 करोड़ का अनाज सड़ा

किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा सरकारी गेहूं निजी वेयर हाउस में सुरक्षित नहीं है। उज्जैन के एक वेयर हाउस में रखा 27 लाख से ज्यादा कीमत का 1400 क्विंटल गेहूं संचालक ने ही बेच डाला। शाजापुर के दो वेयर हाउसों में तो सरकार का करीब 8 करोड़ को गेहूं-चना सड़ गया। दोनों ही मामले की वसूली को लेकर विभाग के अफसर पसोपेश में है। हालांकि वेयर हाउसिंग लॉजिस्टि​क कॉरपोरेशन ने दोनों ही मामले में एफआईआर दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई कर दी, लेकिन अनाज या इसकी राशि की वसूली विभाग अब तक नहीं कर सका। वेयर हाउस संचालकों के लंबे-दांव पेंच के बाद आखिरकार विभाग ने संबंधित वेयर हाउस संचालक की संपत्ति कुर्क करते हुए वसूली करने का निर्णय लिया है, लेकिन कुर्की की कार्रवाई प्रशासनिक अफसरों के स्तर से होना है। इसको लेकर पत्राचार शुरू हो चुके है। संबंधित वेयर हाउस संचालकों को भी नोटिस देकर चेतावनी भी दे दी गई है। ज्ञात रहे वेयर हाउसों में सामने आई धांधली के मामले में वेयर हाउस कारपोरेशन उज्जैन के तात्कालीन रीजनल मैनेजर और शाखा प्रबंधक भी निलंबित हो चुके है। प्रकरण-1 : प्रशासनिक अफसर को कुर्की के लिए भेजा पत्र
साल 2020-21 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं की 28 हजार कट्टी (1400 क्विंटल) गौतम वेयर हाउस उज्जैन में रखा गया। करीब 4 साल बाद साल 2024 के अंत में ​अफसरों को इसकी भनक लगी। पूछताछ में पता चला कि यहां रखा सरकार का पूरा 1400 क्विंटल गेहूं वेयर हाउस संचालन ने अपने हिसाब से ही बेच दिया। इसकी कीमत 1975 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के हिसाब से 27 लाख रुपए है। मामले में सख्ती दिखाते हुए वेयर हाउस के विजयसिंह गौतम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। प्रकरण न्यायालय में पहुंच गया, लेकिन इधर विभागीय स्तर से वसूली की कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी। ब्रांच मैनेजर कमलेश वाखला ने बताया कि कुर्की की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रकरण -2 : 50 हजार एमटी गेहूं और 1800 क्विंटल चना खराब
शाजापुर के दो वेयर हाउस में 7-8 करोड़ का गेहूं व चने का मामला अटक गया। भाजपा नेता रामेश्वर चौधरी और उनके बेटे धुरंधर चौधरी के भागीरथ एग्री. और भागीरथ वेयर हाउसों में 2020-21 में रखा 50 हजार एमटी गेहूं और 1800 क्विंटल चना खराब हो गया। सितंबर 2023 में पिता-पुत्र के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवा दी, लेकिन 8 करोड़ के अनाज के बदले विभाग को अब तक कुछ भी हाथ नहीं लगा। वेयर हाउस डीएम सुमित शर्मा ने बताया वेयर हाउस में रखे अनाज को सुरक्षित लौटाने की जिम्मेदारी संचालक की होती है। अनाज खराब होने पर भी वे ही जिम्मेदार है। वसूली के लिए हाल ही में संबंधितों को नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन क्लेम आदि की राशि समायोजित नहीं हो सकी थी। दो-चार दिन में नया नोटिस देंगे। वसूली नहीं हुई तो कुर्की की कार्रवाई भी शुरू करेंगे। करोड़ों के सरकारी अनाज के मामले में दोनों जगह कार्रवाई चल रही
उज्जैन और शाजापुर में निजी वेयर हाउस संचालकों के कारण करोड़ों के सरकारी अनाज का मामला पेंडिंग चल रहा है। सरकारी अनाज बेचने वाले उज्जैन के वेयर हाउस संचालक पर कुर्की के लिए अफसरों को पत्र भेजे है। शाजापुर के मामले में भी जल्द यह कार्रवाई शुरू करेंगे। यूएस मोरे, रीजनल मैनेजर एमपी वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन

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