बागसेवनिया इलाके में स्ट्रीट डॉग के झुंड ने 6 साल के मासूम पर हमला कर दिया। डॉग ने बच्चे को जगह-जगह काट और नोच दिया। रहवासियों ने किसी तरह मासूम को डॉग से बचाया। घटना के दौरान मासूम स्कूल जा रहा था। माता-पिता शनिवार को ही उसके जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले उसके 3 साल के छोटे भाई पर भी घर के बाहर तीन डॉग ने हमला किया था। स्ट्रीट डॉग के आतंक से परेशान बच्चों के पिता बीते दो महीने से सीएम हेल्प लाइन से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्ट्रीट डॉग की बात की जाए तो प्रदेश भर में 12000 शिकायतों में से सबसे ज्यादा ज्यादा भोपाल में करीब 4000 हैं। यानी कुल शिकायतों का 25% हिस्सा है। सीएम हेल्प लाइन में शिकायत, अब तक सुनवाई नहीं बागसेवनिया के अमराई में रहने वाले राज भजन अहिरवार ने बताया कि वे एम्स में जॉब करते हैं। 6 साल का बड़ा बेटा रुद्र शनिवार सुबह घर से पैदल स्कूल जा रहा था। वह नर्सरी-2 में पढ़ता है। घर से थोड़ी दूरी पर उस पर गली के तीन डॉग ने एक साथ हमला कर दिया। उसे नीचे पटक दिया। आसपास के लोग दौड़े और रुद्र को किसी तरह बचाया। हम उसे एम्स अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज कराया। उसके बाद से रुद्र घर से नहीं निकल रहा। उसका शनिवार को जन्मदिन भी है। करीब एक महीने पहले तीन साल के छोटे बेटे को भी तीन डॉग ने काटा था। वह आज तक सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। उससे करीब दो महीने पहले से सीएम हेल्प लाइन में शिकायत कर रहा हूं। अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पट्टा बांधकर छोड़ दिया: राज ने बताया कि कॉलोनी में आवारा कुत्ते काफी बढ़ गए हैं। गली में घूमने वाले डॉग को किसी ने पाला नहीं है, लेकिन बचाने के लिए गले में पट्टा बांध दिया है। कई लोग इन्हें खाना देते हैं। इस कारण वे यहां ही घूमते रहते हैं। बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। कब तक बच्चों को घर के अंदर रखें। भोपाल में सबसे ज्यादा शिकायतें: प्रदेश में स्ट्रीट डॉग की 1 जनवरी से 20 दिसंबर 2025 तक करीब 12 हजार 300 शिकायतें हुई हैं। इनमें सिर्फ 60% शिकायतों का निराकरण हो सका है। सबसे ज्यादा 4 हजार शिकायतें भोपाल निगम में दर्ज हुई हैं। 1703 शिकायतों के साथ ग्वालियर दूसरे और 1645 शिकायतों के साथ इंदौर तीसरे नंबर पर है।


