इंदौर में अब भूतेश्वर महादेव मंदिर, पंचकुइयां में भी हनुमान जी को पर्दे में रखना पड़ रहा। यदि खुला रखते हैं तो चोला चढ़ाने के दूसरे ही दिन मूर्ति काली पड़ जाती है। यह बताता है कि नाले के पास प्रदूषण किस स्तर तक पहुंच गया है। यदि मूर्तियां काली पड़ने लगी हैं तो सोचिए लोगों के क्या हाल हो रहे होंगे। मंदिर के पुजारी पं. यतींद्र तिवारी मुंह पर हाथ रख कहते हैं, हमें भी आंखों में जलन होने लगी है। हनुमान जी की तरह 64 योगिनी को भी प्लास्टिक चढ़ा रखा है। वे कहते हैं, चार-पांच महीने से कुछ ज्यादा ही परेशानी आ रही है। हफ्ते में दो से तीन बार भी चोला चढ़ाया, लेकिन जब समस्या हल नहीं हुई तो प्लास्टिक से भगवान को ढंककर रख रहे हैं। पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ में महीने भर से यही दिक्कत आ रही है।


