होशियारपुर के एक प्राइवेट स्कूल में सिख बच्चे को कड़ा और श्री साहिब के साथ परीक्षा में एंट्री नहीं दी गई। पेरेंट्स के विरोध के बाद और पुलिस के बीच में आने से बच्चे को परीक्षा में एंट्री मिल पाई।
रविवार को पंजाब सरकार की सीनियर असिस्टेंट के पद की भर्ती के लिए परीक्षा थी। इसके लिए प्राइवेट स्कूलों में सेंटर बनाए गए हैं। एक सेंटर होशियारपुर के प्राइवेट स्कूल में भी था। सुबह 9 बजे जब बच्चा परीक्षा के लिए आया तो उसे गेट पर रोक दिया गया।
आरोप है कि उसे कहा गया कि पहले कड़ा और श्री साहिब उतारकर आओ, इसके बाद ही परीक्षा में बैठने दिया जाएगा।हंगामा होने के बाद और सभी के विरोध जाने के बाद बच्चे को परीक्षा में एंट्री मिल पाई। स्कूल प्रबंधन बोला-तलाशी के लिए कहा, कड़ा-श्री साहिब नहीं उतारा
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उनके स्कूल में सेंटर बना था। उन्होंने बच्चे को नहीं रोका। गेट पर स्टाफ ने तलाशी के लिए कहा था। कड़ा और श्री साहिब उतारने के बारे में गलतफहमी हुई है। किसी भी बच्चे का धार्मिक प्रतीक नहीं उतरवाया जा सकता। न ही उन्होंने इस पेपर में इस तरह की कोई हिदायत दी थी। मिस अंडरस्टैंडिंग के कारण ये इश्यू बन गया है। पिता हरजीत बोले-विरोध करने के बाद दी गई एंट्री
बच्चे के पिता हरजीत सिंह ने कहा कि अगर पंजाब के अंदर ही सिख युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव होगा, तो आगे व्यवस्था कैसे चलेगी। मेरे बच्चे को कड़ा और श्री साहिब डालकर अंदर जाने से रोका गया। स्कूल ने पेपर लेने की हिदायतों में कहीं नहीं लिखा था कि कड़ा या श्री साहिब डालकर नहीं आ सकते। पेपर 9 बजे था। विरोध करने बाद एंट्री दी गई।


