बैतूल में जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आदि बाजार’ का शुभारंभ रविवार को हो गया। शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में आयोजित यह बाजार जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में शुरू हुआ है। इसमें देशभर के जनजातीय कारीगर अपने पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रहे हैं। इस ‘आदि बाजार’ में हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, बांस और लकड़ी से बनी वस्तुएं, प्राकृतिक जड़ी-बूटियां, वन उत्पादों से निर्मित हर्बल कॉस्मेटिक्स, सजावटी सामान, कपड़े, बैग और जनजातीय आभूषण उपलब्ध हैं। उपभोक्ता सीधे कारीगरों से संपर्क करके खरीदारी कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनजातीय उत्पादों को व्यावसायिक प्रोत्साहन देना और कारीगरों की आय में वृद्धि करना है। बाजार के पहले ही दिन बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। लोगों ने विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों के स्टॉलों का अवलोकन किया और उत्पादों की गुणवत्ता व पारंपरिक शिल्पकला की सराहना की। आगंतुकों ने कारीगरों से सीधा संवाद कर उनके कार्यों की प्रशंसा की और उत्साहपूर्वक खरीदारी की। ‘आदि बाजार’ का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री (जनजातीय कार्य) दुर्गादास उईके ने किया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बैतूल हेमंत खंडेलवाल, विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और सीईओ जिला पंचायत अक्षत जैन सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।


