रायसेन जिला मुख्यालय के सागर तिराहे पर रविवार को कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरना आंदोलन में विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष मुमताज खान, पूर्व विधायक देवेन पटेल गडरवास, डॉ. जीसी गौतम, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल और प्रवक्ता जावेद अहमद, हकीम उद्दीन,सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आरोप- सरकार जनहितैषी योजना बंद करना चाहती है
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विशेष रूप से कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई योजनाओं को निशाना बना रही है। विधायक देवेंद्र पटेल ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत 2006 में कांग्रेस शासनकाल में हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब जनता को 100 दिन का रोजगार प्रदान करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण जनता को नकद राशि उपलब्ध कराना था। पटेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न केवल योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया है, बल्कि पूरी योजना को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि मनरेगा के लिए केंद्र सरकार का 90 प्रतिशत अनुदान घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। उनके अनुसार, नई योजना में कई बदलाव किए गए हैं।


