झालावाड़ के पिड़ावा में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट रचना वैष्णव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब एक साल से अलग रह रहे एक दंपती को दाम्पत्य जीवन के महत्व और बच्चों के भविष्य को लेकर समझाइश के बाद फिर से मिलाया गया। लोक अदालत में कुल 135 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिसमें 34 लाख 18 हजार 851 रुपये की राशि का समझौता हुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट रचना वैष्णव और उपखण्ड अधिकारी दिनेश कुमार मीणा की उपस्थिति में पक्षकारों के बीच समझाइश का प्रयास किया गया। मजिस्ट्रेट वैष्णव ने दंपती को दाम्पत्य जीवन और बच्चों के भविष्य के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद दोनों दंपती को अदालत में माला पहनाकर राजीखुशी घर के लिए रवाना किया गया, जिससे उनके प्रकरण का लोक अदालत की भावना से निस्तारण हो सका। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित 15 प्रकरणों सहित 120 प्रिलिटिगेशन के कुल 135 प्रकरणों में राजीनामा के आधार पर समझौता हुआ। इन समझौतों के माध्यम से कुल 34 लाख 18 हजार 851 रुपये की राशि का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के सफल आयोजन में सहायक अभियोजन अधिकारी उदयसिंह मीणा, रीडर शैलेश चतुर्वेदी, कर्मचारीगण अरुण जैन, विकास सेहरावत, भूपेन्द्र, विनोद शर्मा, श्याम चौधरी, रतनलाल तथा अधिवक्तागण फरजाना मिर्ज़ा, मतीन खान, विनोद जैन, मुकेश, अहमद उल्ला खान, कालूराम मेघवाल, अल्ताफ मेव और ईश्वर सिंह ने उपस्थित रहकर सहयोग किया।


