क्रांति दीप | रांची झारखंड के चार युवक इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस तकनीक के जरिए डीजल और पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक अॉटो में बदला जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट को स्टार्टअप का रूप दिया गया है। इसका नाम इलेक्ट्रो मोशन ई-इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड रखा गया है। इस पर बेहतर काम करने के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी), भारत सरकार की ओर से फंडिंग की जा रही है। इसके तहत 3.4 करोड़ रुपए के फंड मिले हैं। अब इस रकम से स्टार्टअप के व्यवसायीकरण पर काम किया जाएगा। जिसमें 100 इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो तैयार किए जाएंगे। इस इनोवेशन पर रांची के पुलकित जैन, कोडरमा के विश्वजीत कुमार, जमशेदपुर के सूर्यप्रताप सिंह व गौरव कुमार सिंह 2018 से काम कर रहे हैं। बताते चलें कि इनके इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो को लंदन के वेंचर कैपिटलिस्ट व नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कोरपोरेसन, एनआरडीसी से इंवेस्टमेंट मिल चुका है। इसके अलावा पहले भी इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो के प्रोटोटाइप को विकसित करने के लिए एमएसएमई से सहयोग मिला था। पुलकित जैन, गौरव कुमार सिंह, विश्वजीत कुमार व सूर्यप्रताप सिंह। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पुणे में चल रहे 10 रेट्रोफिट अॉटो सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूणे में 10 इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ओटो चलाए जा रहे हैं। जिसे काफी सराहा जा रहा है। हमारी टीम ने पुणे की नगर निगम से आग्रह किया था कि ऑटो ड्राइवर को अनुदान दिया जाए, ताकि वे अपने डीजल या पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक अॉटो में बदल सकें। इसके लिए वहां की नगर निगम तैयार हो गया है। इसके तहत ऑटो ड्राइवरों को ऑटो रेट्रोफिटिंग के लिए 60 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट डिर्पाटमेंट ने भी ऑटो रेट्रोफिट के लिए लाइसेंस दे दिया है। जल्द ही वहां भी काम किया जाएगा। 60 हजार में पेट्रोल-डिजल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदल सकेंगे ऑटो चालकों को 65% से ज्यादा का होगा फायदा भाड़ा में भी होगा गिरावट


