युवाओं को प्रेरणा देने के लिए 42 करोड़ खर्च कर स्वामी विवेकानंद सरोवर में स्थित टापू पर स्वामी विवेकानंद की 33 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा लगाई गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2019 में प्रतिमा का अनावरण किया था। उस समय घोषणा की गई थी कि विवेकानंद सरोवर को युवाओं का प्रेरणास्थल बनाया जाएगा। यहां आकर लोग स्वामी जी के कथनों से रू-ब-रू हों और प्रकृति की मनोरम छटा का आनंद उठाएं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पर्यटन विभाग, नगर निगम ने सरोवर को संवारने पर पैसे तो खर्च किए, लेकिन देख-रेख की कोई योजना नहीं बनाई। इसका नतीजा हुआ कि अभी तक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हो सका। आम लोगों के लिए स्वामी जी का स्थल पांच सालों तक बंद रहा। अब रोजाना मात्र 2 घंटे के लिए ही आम लोग स्वामी विवेकानंद के दर्शन कर सकते हैं। जल्दी ही स्वामी विवेकानंद स्थल आम लोगों के लिए खुलेगा {42 करोड़ खर्च, न तालाब साफ हुआ, न संरचना का मेंटनेंस हो रहा, क्यों? – पानी साफ करने के लिए वीड हार्वेस्टिंग मशीन लगाई, एसटीपी बनी आैर ई-बॉल तकनीक अपनाई गई है। {स्वामी विवेकानंद स्थल को आम लोगों रोज दिनभर क्यों नहीं खोल रहे। – अभी निर्माण कार्य होना है। मेंटनेंस का काम किसी को नहीं दिया है, जल्द ही इसे लोगों के लिए खोला जाएगा। क्यों ऐसी स्थिति… स्वामी विवेकानंद सरोवर (बड़ा तालाब) को सिर्फ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाएं बनीं। अलग-अलग काम पर पैसे फूंके गए। सरकार बदलने से प्राथमिकताएं बदल गईं, लेकिन अफसरों ने इस स्थल को संवारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया। रोटरी पार्क के लिए पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ रुपए दिए, लेकिन अधिकारी टेंडर-टेंडर ही खेलते रहे। नतीजा सरोवर को विकसित करने का उद्देश्य अधूरा है। 2020 में सीएम हेमंत सोरेन ने विवेकानंद सरोवर को साफ करने, पार्क बनाने आैर चारों आेर सुरक्षा-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। तालाब का पानी साफ नहीं हुआ, पार्क भी नहीं बना, कैसे बनेगा पर्यटन स्थल : संदीप कुमार सिंह, प्रशासक 2019 में उद्घाटन करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने, 24 घंटे खुला रखने व नाइट वोटिंग की सुविधा देने की घोषणा की थी। पर अफसरों ने काम नहीं किया। आम लोगों के लिए स्वामी विवेकानंद स्थल बंद रहा। अभी 2025 की स्थिति… 2020 में… 2019 में उद्घाटन के समय…


