शहर में 13 को लोहड़ी और 14 जनवरी को मकर संक्रांति व टुसू पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के साथ कई कार्यक्रम किए जाएंगे। तीनों त्योहारों की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार 5 वर्षों बाद 14 जनवरी को विशेष संयोग में मकर संक्रांति मनेगी। प्रातः से पुण्यकाल प्रारंभ हो जाएगा और स्नान, पूजा पाठ के साथ दान किया जाएगा। वहीं, वैवाहिक और मंगल कार्य आरंभ हो जाएगा। जबकि, लोग टुसू पर्व पर विधिवत परंपरागत पूजा करेंगे। वहीं, लोहड़ी त्योहार पर अग्नि में काला तिल, चूड़ा, मूंगफली आदि सामग्री डालकर अग्नि देव की पूजा अर्चना की जाएगी। शहर में त्योहार की तैयारी जोरों पर है। दूसरी ओर पतंग उड़ाने को लेकर भी युवाओं व बच्चों में उत्सव देखा जा रहा है। शहर में तिल, चीनी, गुड़ व खोवा से बन रहे तिलकूट की सोंधी खुशबू फिजां में बिखर रही है। बिहार के गया और झारखंड के चतरा व बड़कागांव के कारीगर दिन भर स्वादिष्ट तिलकूट को तैयार कर रहे है। जबकि, ऑर्डर पर स्पेशल तिलकुट और शूगर फ्री तिलकुट भी अलग से बनाए जा रहे है। शहर के लोहार टोला, गोला रोड के बाजार के दुकानों में तिलकूट तैयार किए जा रहे है।बाजार में तिलकूट की दुकानें सज गई है। रामगढ़ में त्योहार के लिए 600 क्विंटल तिलकूट बनाए जा रहे है। 8 दुकानों में पिछले 60 दिनों से 160 कारीगर तिलकूट को तैयार करने जुटे हुए है और रोजाना 2 क्विंटल तिलकूट बन रहे है। ठंड बढ़ने के साथ ही बिकने लगती है तिलकुट : पिछले कई दिनों से कड़ाके के ठंड के कारण तिलकूट बिक रही है। लोगों का कहना है कि तिल गर्म होता है,और इसका सेवन से शरीर में गर्मी आती है। बाजार में चीनी- तिल का तिलकूट, गुड़-तिल और खोवा-तिल का तिलकूट बिक रहा है। वहीं, तिल चक्की, बादाम पट्टी, तिल, चूड़ा व मूड़ी के लड्डू सहित तिल के मिठाइयां उपलब्ध है। जबकि, नामी गिरामी कंपनियों के तिलकूट भी बिक रही है।


