झारखंड में केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के 11.81 लाख लाभुकों को सितंबर के बाद पेंशन नहीं मिली है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) झारखंड में रुक-रुक कर चल रहा है। इस योजना के अंतर्गत हर महीने की जगह दो या तीन महीने बाद पैसे मिल रहे हैं। इस बार तो यह अवधि चार महीने तक की हो गई है। कारण यह है कि समाज कल्याण विभाग समय पर केंद्र सरकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजता है। यह स्थिति तब है, जब हर तीन महीने पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने का नियम है। लेकिन, इस बार भी ऐसा नहीं हुआ और सितंबर 2024 के बाद विभिन्न जिलों में लाभुकों को पेंशन राशि मिलनी बंद है। हालांकि कुछ जिलों में अक्टूबर की पेंशन मिलने की बात बताई गई है, पर इनकी संख्या कम है। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांगता पेंशन पाने पाले लाभुक पेंशन आने की राह देख रहे हैं। इन लाभुकों को प्रति महीने 1000 रुपए मिलते हैं। इनमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भागीदारी होती है। दूसरी ओर, मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत 57 लाख लाभुकों को 2500 रुपए मिलने की शुरुआत के बाद इन लाभुकों में बेचैनी बढ़ गई है। इनका कहना है कि एक तो हमें मंईयां के लाभुकों से 1500 रुपए कम राशि मिल रही है, वह भी सही समय पर नहीं मिले तो फिर वह किस काम का। उल्लेखनीय है कि एनएसएपी 15 अगस्त 1995 को शुरू किया गया था। शनिवार को विभागीय अधिकारी ने बताया कि 4 जनवरी को उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिया गया है। किस जिले में कितने लाभुक जिला लाभुक बोकारो 48,133 चतरा 42,167 देवघर 49,295 धनबाद 83,598 दुमका 57,477 गढ़वा 74,472 गिरिडीह 79,953 गोड्डा 67,827 गुमला 34,003 हजारीबाग 61,076 जामताड़ा 40,516 खूंटी 26,843 कोडरमा 31,650 लातेहार 40,478 लोहरदगा 13,415 पाकुड़ 32,367 पलामू 88,590 रामगढ़ 25,911 रांची 66,393 साहिबगंज 47,190 सरायकेला-खरसावां 48,082 सिमडेगा 26,224 पूर्वी सिंहभूम 59,731 प. सिंहभूम 36,299 कुल 11,81,690 हर तीन महीने पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने का है नियम योजना के अंतर्गत बना है 100 करोड़ का फंड सर्वजन पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 100 करोड़ का फंड बनाया है। पैसे की कमी होने पर अनुपूरक बजट मिलने की प्रत्याशा में इस फंड से लाभुकों को पैसे दिए जाते हैं। ऐसे में सर्वजन पेंशन योजना के लाभुकों को समय पर पैसे मिल जाते हैं, इसमें विलंब नहीं होता है। इस योजना के अंतर्गत बुजुर्ग, परित्यक्त और एकल महिला को 1000 रुपए प्रति माह की पेंशन राशि दी जाती है। पारिवारिक लाभ के रूप में मिलती है एकमुश्त राशि एनएसएपी में शामिल की गई हैं पांच योजनाएं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (आईजीएनओएपीएस)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (आईजीएनडीपीएस)
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) अन्नपूर्णा योजना राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (एनएफबीएस) राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का एक घटक है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत शोक संतप्त परिवार में मुख्य कमाने वाले की मृत्यु होने पर गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए एकमुश्त पारिवारिक लाभ के रूप में केंद्रीय सहायता दी जाती है।


