भास्कर न्यूज | चित्तौड़गढ़ 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में सुबह 8:56 बजे प्रवेश करेंगे। इसी के साथ शुरू होने वाला पुण्यकाल पूरे दिन चलेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस बार पुष्य नक्षत्र भी मकर संक्रांति पर रहेगा। ऐसे में इस दिन किए जाने वाले पुण्य कार्य ज्यादा फल देने वाले होंगे। सुबह 10:17 बजे से दूसरे दिन बुधवार को 10:28 बजे तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। पुष्य नक्षत्र होने से दान-पुण्य का विशेष फल मिलेगा। सूर्य देव का वाहन व्याघ्र यानी सिंह व उपवाहन अश्व है। शेयर बाजार, सोने-चांदी के बाजार व अन्न के व्यापार के लिए श्रेष्ठ रहेगा। मकर संक्रांति के साथ ही खरमास के कारण रुके हुए विवाह, गृह प्रवेश व मांगलिक कार्य फिर शुरू हो जाएंगे। इस दिन दान-दक्षिणा या धार्मिक कार्यों का सौ गुना फल मिलना बताया है। पुण्यकाल सुबह 9:03 से शाम 5:46 और महापुण्यकाल सुबह 9:03 से 10:48 बजे तक रहेगा। {तिल : काले तिल का दान दुर्भाग्य दूर करने वाला बताया गया है। सूर्यदेव, भगवान विष्णु और शनिदेव प्रसन्न होते हैं। {गुड़ : दान अवश्य करना चाहिए। गुड़ का दान करने से गुरु, शुक्र, शनि ग्रहों की कृपा मिलती है। {नमक : इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। इसलिए नमक का दान करना चाहिए। { ऊनी वस्त्र : शनि और राहु के दोष मिटाने के लिए ऊनी कपड़ों का दान श्रेष्ठ माना गया है। { देशी घी के व्यंजन : घी का संबंध गुरु और सूर्य से है। इनकी प्रसन्नता के लिए घी के व्यंजनों का दान करना चाहिए। { तेल : शनि मंदिर में तेल चढ़ाने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है। जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।


