चंडीगढ़ समेत पंजाब के 6 जिलों में बारिश:12 में कोहरे का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट बदली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रात से ही कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जबकि आज (रविवार) के लिए मौसम विभाग ने तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर और नवांशहर में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। जबकि 23 जिलों में कुछ स्थानों पर घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में राज्य के अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यह सामान्य तापमान से 2.6 डिग्री कम दर्ज किया गया है। अधिकतर जगहों पर अधिकतम तापमान 11.7 डिग्री से 19.4 डिग्री के बीच रहा है। सबसे अधिक तापमान मोहाली में 19.4 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि चंडीगढ़ में तापमान 18.9 डिग्री रहा है। हालांकि शनिवार को गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। 12 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण पंजाब में शीतलहर, कोल्ड डे और कोहरे की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने आज पंजाब के 12 जिलों में कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला शामिल हैं। जबकि पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कोहरे का येलो अलर्ट है। हालांकि 16 जनवरी से मौसम साफ होने की उम्मीद है। जबकि 13 तारीख से बारिश का अलर्ट नहीं है। 24 घंटे में दिनों में बारिश की गई दर्ज दूसरी तरफ पिछले 24 घंटों में तीन जिलों में बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश फरीदकोट में 10.0 एमएम हुई है। फाजिल्का में 6.0 एमएम और फिरोजपुर में 1.0एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि अन्य किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई है। इन इलाकों में सुबह से रात तक बारिश हुई है। बारिश फसलों के लिए अच्छी है पंजाबी कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और ठंड फसलों के लिए अच्छी है। खास तौर पर गेहूं की फसल अच्छी तरह अंकुरित होगी। ऐसे में उत्पादन भी अच्छा होने की संभावना है। सरसों, गाजर, पालक और मटर की सब्जियों के लिए सीमित बारिश अच्छी है। लेकिन अगर कोहरा जमा होता है तो यह इन फसलों के लिए नुकसानदायक है।

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