एंटी गैंगस्टर टास्कफोर्स की कार्रवाई:नौकरी लगाने के नाम पर 35 लोगों से लाखों रुपए की ठगी का 6 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, रात को बांसवाड़ा पुलिस को सौंपा

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय जयपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई कर प्रतापगढ़ के आदिवासी समुदाय के 35 लोगों से नाैकरी दिलाने के नाम पर लाखाें रुपए की धाेखाधड़ी के फरार आरोपी डीग जिले के निगाेई निवासी सियाराम गुर्जर काे गिरफ्तार किया। आरोपी काे शनिवार रात को बांसवाड़ा पुलिस काे साैंपा है। आरोपी ने पीड़िताें काे बांसवाड़ा बुला ट्रेनिंग के बाद गार्ड व सुपरवाइजर की नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी की थी। इस मामले में करीब 6 साल से फरार चल रहा था और इस पर 10 हजार रुपए का ईनाम भी घाेषित है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि विभिन्न आपराधिक मुकदमा में वांछित अपराधियो, गैंगस्टर, तस्करों इत्यादि के बारे में आसूचना संकलन व धरपकड़ के लिए एजीटीएफ की विभिन्न टीमें अलग-अलग शहरों में रवाना की गई। 20 मई, 2019 को बालाजी सिक्योरिटी सर्विस ट्रेनिंग सेंटर शाखा प्रताप सर्कल बांसवाड़ा के कर्मी जगराम व सियाराम के विरुद्ध थाना पीपलखूंट व घंटाली निवासी आदिवासी समाज के 35 लोगों ने कोतवाली बांसवाड़ा में रिपोर्ट दी थी कि जल स्वावलंबन योजना के अंतर्गत लगी हुई पानी की टंकी एवं पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए गार्ड व सुपरवाइजर पद पर प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति देने का झांसा दिया। फिर सिक्योरिटी राशि के रूप में लाखों रुपए ले लिए गए। इसके आरोपियों ने न ताे नौकरी दी और नहीं रुपए लाैटाए। इस मामले में फरार आरोपी सियाराम गुर्जर के विरुद्ध बांसवाड़ा कोर्ट से स्थाई गिरफ्तारी वारंट भी जारी है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी बांसवाड़ा द्वारा 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी। एजीटीएफ भरतपुर गई, जहां सूचना मिली कि बांसवाड़ा का इनामी दिल्ली व गुड़गांव इलाके में फरारी काट रहा है जो अभी 10 दिन पहले ही अपने गांव लौटा है। इस पर एजीटीएफ ने निगोई गांव में दबिश देकर आरोपी सियाराम गुर्जर को डिटेन किया। बाद में काेतवाली पुलिस काे साैंप दिया।

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