लाश देखने हर महीने देवास आता था आरोपी:पड़ोसियों को कहता- जल्द लौटेगी पिंकी; पुलिस हैरान- फ्रिज से क्यों नहीं निकाली डेडबॉडी

पिंकी का पति संजय तीन मार्च के बाद भी हर महीने घर पर आता था। वह कहता था कि पिंकी बेंगलुरु में भाई के पास है। वह जल्द ही लौटेगी। ये कहते हुए पिंकी उर्फ प्रतिभा के पड़ोस में रहने वाली पुष्पा चौहान सहम जाती हैं। पड़ोसियों को इस बात की हैरानी है कि संजय उनसे किस सफाई से झूठ बोलता था। इधर, संजय को गिरफ्तार कर चुकी पुलिस भी हैरान है और इस बात की पड़ताल कर रही है कि हत्या के 9 महीने बाद भी उसने लाश को ठिकाने क्यों नहीं लगाया? इसे लेकर उससे पूछताछ जारी है। दरअसल, 10 जनवरी को देवास पुलिस ने बृजधाम कॉलोनी के एक मकान में फ्रिज से महिला की लाश बरामद की। महिला की शिनाख्त प्रतिभा उर्फ पिंकी के रूप में हुई, जो इसी मकान में पहले किराए से रहती थी। उसके साथ उसका पति संजय भी रहता था। उसी ने 2 मार्च 2024 को पिंकी की हत्या कर लाश को फ्रिज में छिपाया था। 10 महीने बाद हुए इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने बृजधाम कॉलोनी में जाकर पड़ोसियों से बात की, तो पता चला कि दोनों के बीच झगड़े भी होते थे। प्रतिभा ने पड़ोसियों को ये भी बताया था कि उसका दो साल का बेटा भी था जिसकी निमोनिया से मौत हो चुकी है। पढ़िए ये रिपोर्ट… जिस कॉलोनी में लाश मिली वहां अब भी पुलिस की आवाजाही
भास्कर की टीम जब देवास-इंदौर बायपास के पास बनी वृंदावन धाम कॉलोनी पहुंची तो देखा कि जिस घर से प्रतिभा उर्फ पिंकी की लाश मिली वहां अब भी पुलिस की जांच पड़ताल जारी है। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। जिस वक्त भास्कर की टीम पहुंची तब वहां इंदौर में रहने वाले मकान मालिक धीरेंद्र श्रीवास्तव भी पहुंचे हुए थे। श्रीवास्तव ने बताया कि जुलाई 2023 में उन्होंने ये मकान संजय पाटीदार को किराए पर दिया था। उन्होंने संजय का आधार कार्ड चेक किया तो उस पर उज्जैन का पता लिखा था। संजय ने उन्हें बताया था कि वह गल्ला मंडी में काम करता है। धीरेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि मार्च तक वह बराबर किराया देता रहा। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। जून 2023 में संजय ने मकान खाली कर दिया और बताया कि दो कमरों में उसका सामान है जिसे वो जल्द ही ले जाएगा। कमरों की चाबी भी उसी के पास थी। धीरेंद्र से पूछा कि क्या उन्होंने कभी आकर नहीं देखा, तो बोले- इसकी जरूरत ही महसूस नहीं हुई। मैंने मकान का बाकी का पोर्शन जुलाई में दूसरे किराएदार को दे दिया। लोग इस बात से हैरान की दोनों शादीशुदा नहीं थे
भास्कर ने जब इस कॉलोनी में रहने वाले लोगों से बात की तो सभी ने इस बात पर ज्यादा हैरानी जताई कि दोनों शादीशुदा नहीं थे। पड़ोस में रहने वाली पुष्पा चौहान बताती हैं कि पिंकी सिलाई का काम करती थी। मोहल्ले भर में उसका अच्छा व्यवहार था। वो बहुत पूजा-पाठ करती थी और धार्मिक प्रवृत्ति की थी। दिसंबर 2023 में उसने मंदिर में भंडारा भी कराया था। पुष्पा कहती हैं कि उसका बच्चों से खास लगाव था। वह अक्सर बच्चों के लिए चॉकलेट लेकर आती थी। उन दोनों को देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि वो पति-पत्नी नहीं हैं। मोहल्ले की मनकौर सोलंकी ने बताया कि पिछले साल 2 मार्च के पहले अक्सर पिंकी मोहल्ले में दिख जाया करती थी। लेकिन उसके बाद कभी नहीं दिखाई दी। कुछ लोगों ने उसके मोबाइल पर कॉल भी किया मगर वो बंद था। संजय से पूछा तो उसने बताया कि पिंकी को रात में अचानक अटैक आ गया था, इसलिए वो उसे यहां से ले गया है। अभी पिंकी अपने भाई के पास बेंगलुरु में है। झगड़े होते थे मगर पड़ोसियों ने ध्यान नहीं दिया
पड़ोसियों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन पति-पत्नी के बीच ये नॉर्मल बात है, ये सोचकर हमने कभी दखल नहीं दिया। किसी की पारिवारिक जिंदगी में दखल देना वैसे भी ठीक नहीं होता। इसी कॉलोनी में रहने वाले कमल किशोर अहिरवार कहते हैं कि पुलिस और मीडिया से ही पता चला कि संजय उज्जैन के मौलाना गांव का रहने वाला है। वह पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी और बच्चे भी हैं। अहिरवार कहते हैं कि दोनों के बीच झगड़े के बारे में अब पता चला कि प्रतिभा उर्फ पिंकी उससे शादी करने का दबाव बनाती थी। उज्जैन की थी प्रतिभा, 2016 से परिवार से संपर्क नहीं
प्रतिभा भी मूल रूप से उज्जैन शहर की रहने वाली थी। उसका अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं था। शनिवार को उसके परिजन देवास पहुंचे। उन्होंने उसकी लाश की शिनाख्त की। परिवार का कहना है कि 2016 के बाद से हमारा प्रतिभा से कोई संपर्क नहीं है। वो कैसी है, कहां है? इसकी हमें कोई जानकारी नहीं थी। परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए उसका शव लेकर उज्जैन चले गए। परिवार से पूछा कि प्रतिभा और संजय का संपर्क कैसे हुआ था? तो उन्होंने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया। संजय पाटीदार को अपने किए पर पछतावा नहीं
देवास के बीपीएन थाने के टीआई अमित सोलंकी बताते हैं कि कमरे में लाश मिलने के बाद जब हमने तलाशी ली तो कुछ दस्तावेज और फोटो मिले। पड़ोसियों ने पूछताछ में बताया कि बलवीर सिंह से पहले संजय पाटीदार यहां रहता था। उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। संजय पाटीदार का पता जानने के बाद एक स्पेशल टीम को उसके गांव मौलाना भेजा। वहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने प्रतिभा की हत्या करना कबूल किया था। उसने बताया कि 2 मार्च 2024 को उसने अपने दोस्त विनोद दवे के साथ मिलकर प्रतिभा का गला घोंटकर हत्या की थी और लाश को फ्रिज में छिपा दिया था। विनोद दवे इस समय फ्रॉड के मामले में राजस्थान की टोंक जेल में बंद है। उसे हत्या में मदद करने का आरोपी बनाया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई की जा रही है। अमित सोलंकी से पूछा कि संजय ने 9 महीने तक लाश को ठिकाने क्यों नहीं लगाया? तो बोले कि संजय से पूछताछ के दौरान से सवाल किया गया था, लेकिन उसने कहा कि इसकी कोई प्लानिंग नहीं थी। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि मार्च के बाद वह एक महीने तक वह आता जाता रहता था। उसने कई बार घर का सामान भी खाली किया लेकिन फ्रिज को वहीं छोड़ दिया। ये खबर भी पढ़ें… फ्रिज में लाश छिपाकर झूठ बोलता रहा लिव-इन-पार्टनर:देवास में लोग पूछते तो कहता- मां को अटैक आया, इसलिए मायके गई पत्नी देवास में वृंदावन धाम कॉलोनी में एक मकान से जिस महिला की फ्रिज में लाश मिली उसे पड़ोसियों ने 1 मार्च 2024 से नहीं देखा था। महिला के कथित पति संजय पाटीदार ने हत्या के बाद फ्रिज में लाश छिपाई और लोगों से झूठ बोलता रहा। पूरी खबर पढ़ें

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