मेट्रो के सुभाष नगर से करोंद तक के रूट की तीन बड़ी बाधाओं को हटाने की कवायद तेज हो गई है। मेट्रो रूट में बाधक आरा मशीनों को जून तक हटाने का टारगेट रखा है। उद्योग विभाग ने आरा मशीनों के लिए छोटा रातीबड़ में चिह्नित जमीन पर डेवलपमेंट का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। इसके साथ ही ईरानी डेरा के शेष हिस्से को हटाने से पहले कोर्ट के निर्देश पर तहसीलदार सुनवाई कर रहे हैं। इस रूट की तीसरी बाधा पुठ्ठा मिल से संबंधित मामले में हाईकोर्ट इस सप्ताह फैसला दे सकता है।
मेट्रो रूट में पुल बोगदा से लेकर भारत टॉकीज तिराहे और ईरानी डेरा की मिलाकर कुल 108 आरा मशीनें हैं। इनमें से 40 सीधे तौर पर मेट्रो रूट में बाधक है। प्रशासन पहले चरण में इन्हींं आरा मशीनों को हटाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से शहर की सभी आरा मशीनें छोटा रातीबड़ गांव में शिफ्ट होगी। यहां इसके लिए स्पेशल क्लस्टर डेवलप किया जाएगा। आरा मशीन संचालकों के राजी होने के बाद उद्योग विभाग ने इसकी कवायद तेज कर दी है। कुछ लोग अपनी मर्जी से शिफ्ट होना शुरू हुए
करीब चार साल पहले ईरानी डेरा से अतिक्रमण हटाए थे। इसके खिलाफ ईरानी डेरा में रहने वाले कोर्ट चले गए थे। वहां से जिला प्रशासन से कहा गया था कि ईरानी डेरा में रहने वालों की पूरी बात सुनने के बाद ही कुछ करें। 50 से ज्यादा अतिक्रमण जिला प्रशासन हटा चुका है। अब करीब 15 कब्जे शेष रह गए हैं। इसके अलावा तीन आरा मशीनें भी हैं। इनकी सुनवाई तहसील कोर्ट में शुरू कर दी है। उनका पक्ष सुना जा रहा है। जल्द ही मुआवजा आदि देकर उन्हें भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कुछ ने खुद ही वहां से शिफ्ट होना शुरू कर दिया है। पुठ्ठा मिल: तीनों याचिकाएं एक साथ
अंडरग्राउंड दूसरा मेट्रो स्टेशन बनाने की बाधा बनी पुट्ठा मिल के मामले में हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं लगी थीं। कोर्ट ने तीनों को एक साथ कर दिया है। तीनों याचिकाओं को एक साथ किया जा चुका है। इस पर बुधवार तक निर्णय हो सकता है। करीब साढ़े 25 एकड़ में से जिला प्रशासन ने मेट्रो की जरूरत के अनुसार 5 एकड़ जमीन दिए जाने का अनुरोध हाई कोर्ट से किया है। लोगों की सहमति से हटा रहे हैं कब्जे
मेट्रो के रूट पर आने वाली सभी बाधाओं को नियमानुसार और लोगों की सहमति से हटाई जा रही हैं। ईरानी डेरा पर कुछ कब्जे बचे हैं। उनकी सुनवाई चल रही है। एक-एक उन्हें समझाइश देकर हटाया जा रहा है। पुट्ठा मिल का मामला कोर्ट के अनुसार सुलझाया जाएगा। आरा मशीन को शिफ्टिंग का ब्लू प्रिंट सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग ने दिया है। उसके अनुसार ही काम किया जा रहा है। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर”


