सिरोही में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश रूपा गुप्ता के निर्देशन में जिले के समस्त न्यायिक एवं राजस्व न्यायालयों में यह अदालत लगी। इसमें लगभग 10 करोड़ 38 लाख रुपए की राशि के मामलों में समझौता हुआ। प्राधिकरण की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक ने बताया कि लोक अदालत में कुल 58,636 मामलों को आपसी राजीनामा के आधार पर निपटारे के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन और राजस्व संबंधी मामले भी शामिल थे। इस दौरान कुल 48,041 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें 7,793 न्यायालयों में लंबित मामले और 40,248 प्री-लिटिगेशन श्रेणी के थे। निस्तारित प्रकरणों में मुख्य रूप से चेक अनादरण, बैंक की बकाया राशि, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले शामिल थे। कई वर्षों से लंबित पुराने मामलों में भी पक्षकारों के बीच समझौते हुए। विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के अधिकारियों ने भी लोक अदालत में भाग लिया। जिला मुख्यालय पर गठित विभिन्न लोक अदालत बेंचों की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ललित डाबी, सचिव सावित्री आनंद निर्भीक और न्यायिक मजिस्ट्रेट वीना सुवालका ने की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल ने राजस्व मामलों में बेंच सदस्य के तौर पर भूमिका निभाई। अधिवक्ता बसंत कुमार भाटी, लक्ष्मण दादरिया और बलवंत कुमार मेघवाल भी बेंचों में सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
प्राधिकरण ने लोक अदालत की सफलता के लिए सभी न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, स्टाफ और पक्षकारों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।


