गुना के कोतवाली इलाके में ATM फ्रॉड के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ATM बदलकर एक युवक के खाते से 1.53 लाख रुपए निकाले थे। आरोपी ATM में लिखा हेल्पलाइन नंबर बदल कर अपना हेल्पलाइन नंबर लिख देते थे। फिर मदद के बहाने लोगों से फ्रॉड करते थे।इतना ही नहीं मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर आरोपी एक ग्लू लगा देते थे, जिससे कोई मशीन में कार्ड डालता है तो वह चिपक जाता और फिर व्यक्ति मदद के लिए इन्हें कॉल करता। मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी बिहार और यूपी है। जानकारी के अनुसार श्रीराम कॉलोनी के रहने वाले ललित छारी ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि मंगलवार को गुना के आरोन बस स्टैंड के एटीएम से उसके पैसे निकालने के बाद उनका एटीएम मशीन में फंस गया। वह एटीएम कार्ड निकालने का प्रयास कर रहे थे कि तभी अंदर एक लड़का आया, जिसने उससे बोला कि जल्दी करो उसे भी पैसे निकालना है। जब उसने एटीएम फंस जाना बोला तो उस व्यक्ति ने अंदर दीवार पर चिपके पोस्टर अंकित हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर उसकी बात कराई। उस नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने उसे बातों में उलझा कर उससे एटीएम का पिन नंबर ले लिया। इसके बाद कॉल पर बात करने वाले व्यक्ति के बताये अनुसार शिकायत करने के लिये वह बैंक चला गया। अगले दिन ललित ने मोबाइल चैक किया तो उस खाते से रुपए ट्रांजेक्शन के कई मैसेज दिखे। उसके खाते से किसी ने एक के बाद एक ट्रांजेक्सन कर कुल 1.53 लाख रुपए निकाल लिये थे। ललित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। SP संजीव सिंहा ने बताया कि प्रभारी CSP भरत नौटिया के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी ब्रजमोहन भदौरिया और उनकी टीम ने जांच शुरू की। टीम प्रकरण के अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई। विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उनका पीछा किया। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने कार में चल रहे तीन व्यक्तियों को दबोच लिया। उन्होंने पूछताछ पर अपने नाम अविनाश(35) निवासी बिहार, साहिल (26) फिरोजाबाद (उप्र) हाल भेड़सी जिला गुड़गांव (हरियाणा) और सुधीर(27) निवासी बिहार बताए। आरोपियों के पास मिले 23 एटीएम कार्ड पुलिस ने उनके तलाशी ली तो उनके पास से अलग अलग बैंकों के कुल 23 एटीएम कार्ड मिले। उनसे एटीएम फ्रॉड की घटना के संबंध में पूछने पर उनके द्वारा गुना में घटना करना स्वीकार कर लिया गया। आरोपियों से 78 हजार कैश और बाकी अन्य माध्यमों से पैसा निकालना बताया गया। आरोपियों ने 75 हजार उपाय के कपड़े और बैग खरीद लिए थे। इसके अलावा उन्होंने 7 हजार रुपए का बैग खरीदा और कुछ पैसे दूसरी जगह खर्च कर दिए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से पैसे बरामद कर लिए हैं। ATM में लिखते थे अपना नंबर आरोपियों ने पूछताछ के बताया कि वह पहले तो शहर में एटीएम की रैकी करते हैं और कम भीड़भाड़ वाले एटीएम तलाशते हैं। एटीएम खाली होने पर अंदर दीवार पर एटीएम चैनल मैनेजर हेल्पलाईन नंबर का एक पोस्टर चिपका देते हैं, जिस पर हेल्पलाईन नंबर के रूप में उनका स्वयं का मोबाइल नंबर अंकित होता है। साथ ही एटीएम मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर एक ग्लू लगा देते हैं, जिससे कोई एटीएम मशीन में कार्ड डालता है तो वह चिपक जाता है। इसके बाद वह लोग एटीएम के आसपास ही खड़े हो जाते हैं और जैसे ही कोई एटीएम में पैसा निकालने आता है, तो पैसा निकलने के बाद उसका एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाता है। वह व्यक्ति कार्ड निकालने की कोशिशें कर रहा होता है, तभी हम में से एक एटीएम रूम में जाता है और उस व्यक्ति से उन्हें भी पैसा निकालने के लिये बोलते हैं। तब वह व्यक्ति अपना कार्ड मशीन में फंस जाना बोलता है, तो वह उनके द्वारा पहले से चिपकाए गये पोस्टर पर अंकित हेल्पलाईन नंबर पर कॉल कर उससे हेल्प लेने के लिए बोलते हैं। जो नंबर बाहर ही खड़े उनके साथी के पास ही होता है और वह उसे बातों में लेकर उससे एटीएम का पिन ले लेता है। उससे बैंक जाकर शिकायत करने के लिये बोला जाता है और उस व्यक्ति के एटीएम से जाते ही वह मशीन से एटीएम कार्ड निकाल लेते हैं और उसके बताए पिन का उपयोग कर दूसरे एटीएम से नगदी पैसे एवं मॉल आदि से शॉंपिंग कर लेते थे।


