शहडोल डीआईजी सविता सोहाने की स्कूली छात्राओं को गर्भधारण पर दी गई सलाह चर्चा का विषय बन गई है। 4 अक्टूबर को शहडोल ज्ञानोदय स्कूल में लड़कियों की सुरक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 10वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं से बात की। इस दौरान बच्चों को जन्म देने के बारे में उनकी सलाह का वीडियो वायरल हो गया। सोहाने ने ‘मैं हूं अभिमन्यु’ कार्यक्रम के तहत छात्राओं को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना और उनके प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में डीआईजी ने छात्राओं को सलाह दी… पूर्णिमा के दिन गर्भधारण से बचें और ‘ओजस्वी’ संतान के लिए सूर्य को जल चढ़ाएं। सविता सोहाने इतिहास की लेक्चरर थीं। उनकी 1994 में डीएसपी के पद पर नियुक्त हुईं। उनका चयन बाद में भारतीय पुलिस सेवा में हुआ और वर्तमान में वह डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं। डीआईजी ने छात्राओं से क्या कहा डीआईजी सोहाने ने छात्राओं को पूर्णिमा के दिन गर्भधारण न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘पहली बात पर ध्यान दें – पूर्णिमा के दिन गर्भधारण न करें। सूर्य के सामने झुकें और जल चढ़ाकर नमस्कार करें ताकि ‘ओजस्वी’ संतान पैदा हो।’ उन्होंने छात्राओं से भविष्य की पीढ़ियों की योजना बनाने के बारे में भी बात की। उन्होंने पूछा, ‘आप पृथ्वी पर नया बचपन लाएंगे। आप इसे कैसे करने जा रहे हैं?’ सम्मान और सुरक्षा पर था भाषण वीडियो वायरल होने के बाद डीआईजी सविता सोहाने ने कहा कि उनका एक घंटे का भाषण मुख्य रूप से लड़कियों के सम्मान और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित था। उन्होंने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में उनकी बातों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया है। व्याख्यान निजी आध्यात्मिक अनुभवों पर आधारित सोहाने ने कहा कि वह ‘मैं हूं अभिमन्यु’ कार्यक्रम के तहत अक्सर स्कूलों में जाती हैं। इस कार्यक्रम का मकसद लड़कियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना और उनके प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि उनका व्याख्यान उनके निजी आध्यात्मिक अनुभवों पर आधारित था। इन अनुभवों में शास्त्रों का अध्ययन और धार्मिक प्रवचन सुनना शामिल है। पूर्णिमा के दौरान गर्भधारण से बचने की सलाह के बारे में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा को पवित्र समय माना जाता है।


