पंजाब के लुधियाना देर रात मिड्डा चौक नजदीक हरनाम रेलवे फाटक पर एक युवक की ट्रेन के चपेट आने से मौत हो गई। रेलवे ट्रेक के आस-पास रहने वाले लोगों ने तुरंत रेलवे स्टेशन लुधियाना पर अधिकारियों को सूचित किया। रेलवे अधिकारियों ने जीआरपी को मीमो दी जिसके बाद मौके पर जीआरपी पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। रेलवे अधिकारियों को मिली सूचना के बावजूद फिरोजपुर लाइन पर रेल परिचालन जारी रहा। अधिकारियों ने रेल परिचालन का सिग्नल डाउन नहीं करवाया। 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा गया शव पुलिस ने शव की शनाख्त करने की काफी कोशिश की लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो पाई। मृतक के जेब से कोई भी पहचान पत्र पुलिस को नहीं मिला। राहगीर प्यारा सिंह ने कहा कि रास्ते से गुजर रहे थे। युवक का शव रेलवे ट्रेक पर पड़ा देखा। पहले लगा कि शायद वह जिंदा हो लेकिन जब करीब आकर देखा तो युवक मृतक पड़ा था। लोगों के मदद से शव को गाड़ी में रखवा कर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में 72 घंटों के लिए पहचान के लिए रखवा दिया है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की। रेलवे अधिकारियों की लापरवाही,शव के ऊपर से गुजरी ट्रेन वर्णनीय है कि घटना स्थल पर अभी पुलिस की जांच चल ही रही थी कि तभी एक अन्य पैसेंजर रेल गाड़ी शव के ऊपर से ही निकल गई। रेलवे अधिकारियों को ट्रेक पर शव पड़े होने की सूचना के बावजूद उस ट्रेक का रेल परिचालन रोका नहीं गया। जांच कर रहे पुलिस कर्मचारियों के सामने ही सवारियों से भरी पैसेंजर ट्रेन शव को ऊपर से गुजर गई और पुलिस भी ट्रेन को रोकने में विफल रही। नियमों की अनदेखी जांच का विषय
बता दें कि रेलवे बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के तहत रेलवे ट्रैक के बीच में शव रहने पर ट्रेन का परिचालन तब तक नहीं किया जा सकता है जब तक शव को वहां से हटाया नहीं जाता। इस कारण पहले भी कई बार ट्रेनों का परिचालन ट्रैक पर रहने के कारण रोका गया है। हालांकि इस घटना में इन नियम की अनदेखी की गई। ऐसे में ये मामला जांच का विषय है। थाना GRP के SHO जितेन्दर बोले…
थाना GRP लुधियाना के SHO जितेन्दर सिंह ने कहा कि मामला वह चैक करवा रहे है। यदि रेलवे अधिकारियों ने मीमो दे रखी होगी तो सरासर ये उनकी गलती है। जब तक रेलवे ट्रेक क्लियर नहीं हो जाता उतनी देर कोई ट्रेन ट्रक से गुजर नहीं सकती। इस मामले संबंधी DRM फिरोजपुर संजय साहू से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।


