कोरबा में हाथी का आतंक, 72 घंटे में 3 मौतें:75 किमी सफर तय कर 40 गांव पहुंचा, वन विभाग कर रहा ड्रोन से निगरानी

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दंतैल हाथी का आतंक जारी है। पिछले 72 घंटों में इस हाथी ने बिलासपुर रेंज और कोरबा जिले के कई क्षेत्रों में 3 लोगों की जान ले ली है। हाथी ने करीब 75 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 40 से अधिक गांवों को प्रभावित किया है। अभी करतला वन परिक्षेत्र के बड़मार जंगल में डेरा डाले हुए है। जानकारी के अनुसार, हाथी ने पहले बिलासपुर रेंज में एक महिला को मौत के घाट उतारा था। इसके बाद कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं की जान ली। फिर कोरबा शहर से सटे बालको रेंज में एक ग्रामीण को भी अपना शिकार बनाया। 72 घंटे में 75 किलोमीटर की दूरी तय वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, यह हाथी पिछले 72 घंटों में लगभग 75 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है, जिससे लगभग 40 गांव प्रभावित हुए हैं। यह कई गांवों के बीच और खेतों से होते हुए गुजरा है। वर्तमान में इसे कोरबा वन मंडल के करतला रेंज के सुईयारा जंगल के बड़मार बीट में देखा गया है। कोटमेर, तुर्रिकटरा, दादरपारा, बड़मार और टीमनभौना जैसे गांवों में भी इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। गांवों में कराई जा रही मुनादी वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे की मदद से हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। आसपास के ग्रामीणों को मुनादी कराकर हाथी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को गांव से लगे जंगल और खेतों में जाने से भी रोका जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। ग्रामीणों को विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि यदि रात में घर के आंगन या बाड़ी से किसी चीज के टूटने की आवाज आए, तो बिल्कुल भी बाहर न निकलें। सुबह होने के बाद जंगल की ओर न जाएं। यह हाथी अक्सर घरों से लगी बाड़ी में जा रहा है, इसलिए बाड़ी में रात को विश्राम न करें, खासकर जहां धान रखा हो, वहां बिल्कुल न सोएं। वन विभाग की दो अलग-अलग टीमें 24 घंटे हाथी पर नजर रख रही हैं। इसके साथ ही, हाथी द्वारा किए गए नुकसान का सर्वे भी किया जा रहा है ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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