भारतीय रेलवे के लेवल क्रॉसिंग खत्म करने के अभियान के तहत रायपुर रेल मंडल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल के बैकुंठ–सिल्यारी और निपनिया यार्ड सहित 7 रेलवे फाटकों को अब स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इन फाटकों के बंद होने से जहां सड़क जाम और हादसों से राहत मिलेगी, वहीं यात्री और मालगाड़ियों की रफ्तार में भी बड़ा इजाफा होगा। 50 किमी प्रति घंटे बढ़ जाएगी रफ्तार फाटकों के बंद होने के बाद रायपुर रेल मंडल में ट्रेनों की औसत रफ्तार में करीब 50 किमी/घंटा की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यात्रियों को अब न फाटक पर इंतजार करना पड़ेगा और न ही ट्रेनों को आउटर पर खड़ा होना पड़ेगा। रेलवे के इस कदम से सफर ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद होगा। स्पीड अपडेट: इन रूट्स पर अब सुपरफास्ट सफर फाटकों के पूरी तरह बंद होने के बाद रेलवे ने कई रूट्स पर ट्रेनों की अधिकतम गति बढ़ा दी है— रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इससे ट्रेनों के ठहराव का समय घटेगा और सफर पहले से ज्यादा तेज और सुगम होगा। कुल 7 फाटक बंद, जाम और हादसों से स्थायी राहत हालिया फैसले के बाद रायपुर रेल मंडल में अब इन इलाकों से फाटकों का पूरी तरह से हटा दिया गया है— 70 किमी लंबी ‘सुरक्षा दीवार’ से सुरक्षित होगा ट्रैक तेज रफ्तार ट्रेनों को देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए हैं—


