देशभर में भाजपा का संगठन पर्व (संगठन चुनाव की प्रक्रिया) चल रही है। प्रदेश में भी सर्वसम्मति से संगठन के चुनाव कराए जा रहे हैं। बूथ और मंडल स्तर के चुनाव के बाद भाजपा को 10 जनवरी तक जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करनी थी। आज तक भाजपा एक भी जिले में जिलाध्यक्ष का निर्वाचन नहीं करा सकी है। संगठन के लिहाज से भाजपा में 44 जिले हैं। इन जिलों में नेताओं की व्यक्तिगत पसंद और नापसंद के चलते अभी तक जिलाध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हो सका है। कई जिलों में जिलाध्यक्षों के निर्वाचन को लेकर विवाद भी चल रहा है। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव की डेडलाइन भी 15 जनवरी है। जब तक जिलाध्यक्षों का निर्वाचन नहीं हो जाता है। प्रदेशाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती है। क्योंकि प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव में जिलाध्यक्ष ही भाग लेते हैं। 23 जिलाध्यक्षों का निर्वाचन जरूरी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए जरूरी 23 जिलाध्यक्षों का निर्वाचन करने की दिशा में काम कर रही है। पहले निर्विवादित जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इससे समय पर प्रदेशाध्यक्ष का निर्वाचन करवाया जा सके। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री लेंगे क्लास
आज भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष जयपुर आ रहे हैं। वे प्रदेश कार्यालय में प्रमुख नेताओं और संगठन पर्व से जुड़ी टीम की बैठक लेंगे। इस बैठक में जिलाध्यक्षों के विवाद को सुलझाने का प्रयास होगा। इससे पहले भी जब सदस्यता अभियान में प्रदेश भाजपा पिछड़ी थी। तब बीएल संतोष जयपुर आए थे। उन्होंने प्रदेश के बड़े नेताओं और अभियान से जुड़ी टीम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। उसके बाद सदस्यता अभियान में तेजी देखने को मिली थी। बूथ और मंडल के चुनाव भी तय समय पर नहीं हुए
दरअसल, संगठन चुनाव के तहत प्रदेश भाजपा को 5 दिसंबर तक बूथ अध्यक्ष और उसके सदस्यों का निर्वाचन करना था। वहीं, 15 दिसंबर तक मंडल अध्यक्ष और 30 दिसंबर तक जिला अध्यक्षों का चुनाव करवाना था। 31 दिसंबर तक भाजपा बूथ के चुनाव ही करा पाई थी। वहीं, अभी तक भी पूरी मंडलों के अध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हो सकता है। एक जनवरी को भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा था कि हम 10 जनवरी तक जिलाध्यक्षों का निर्वाचन कर लेंगे। वो डेडलाइन भी निकल चुकी है। मदन राठौड़ का प्रदेशाध्यक्ष बनना तय
पार्टी को 15 जनवरी तक प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव भी करवाना है, लेकिन इस पद पर मदन राठौड़ का निर्वाचन तय माना जा रहा है। एक जनवरी को जयपुर आए प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने इसके संकेत दिए थे। जब उनसे पूछा गया कि प्रदेशाध्यक्ष के पद पर क्या मदन राठौड़ का निर्वाचन तय है तो उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव के पहले ही मैं कैसे घोषित कर दूं कि यही अध्यक्ष रहेंगे, यह कैसे संभव है। इनका मुकाबला बड़े-बड़े लोगों से है। मुझे विश्वास है कि यह मुकाबला करेंगे और जीतेंगे।


