नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना कस्बे में शनिवार देर रात दिवंगत ASI सुरेंद्र सिंह के परिवार से मुलाकात की। सुरेंद्र सिंह का निधन जयपुर में CM भजनलाल के काफिले में घुसी टैक्सी की टक्कर के बाद हो गया था। बेनीवाल ने कहा कि सीएम की जान बचाने के लिए शहीद हुए एएसआई का परिवार ठोकरें खा रहा है। सीधी अंगुली से घी नहीं निकला तो टेढ़ी करेंगे। बता दें कि 11 दिसंबर को जयपुर के अक्षय पात्र चौराहे पर टैक्सी ड्राइवर ने सीएम के काफिले में टैक्सी घुसा दी थी। इस दौरान सुरक्षा में तैनात ASI सुरेंद्र सिंह को टैक्सी ने जोरदार टककर मार दी थी। हादसे में उनकी मौत हो गई थी। वे कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना कस्बे के काठ का माजरा गांव के रहने वाले थे। सीएम पर कसा तंज- हर बात के लिए दिल्ली से सलाह लेते हैं सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार रात सुरेंद्र सिंह के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिवार को सांत्वना दी। हनुमान बेनीवाल ने कहा- परिवार की मांगें जायज हैं। मैं उनके साथ हूं। मुख्यमंत्री खुद यहां आकर गए हैं। हर बात के लिए दिल्ली से सलाह लेते हैं। यह उनकी गलती नहीं है, उनकी जानकारी सीमित है। इसी वजह से उन्हें अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ता है। एसपी और कलेक्टर फोन तक नहीं उठा रहे। मैंने सुना है कि ये आम आदमी के फोन भी नहीं उठाते। जरूरत पड़ी तो अंगुली टेढ़ी करेंगे बेनीवाल ने कहा- एएसआई सुरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को बचाने के लिए अपनी शहादत दी है। राजस्थान सरकार को परिवार की मांगें माननी ही होंगी। अगर सीधी अंगुली से घी नहीं निकला, तो हम अंगुली टेढ़ी भी करेंगे। अधिकारी मिलने भी नहीं आ रहे हैं। जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा- भाजपा पार्टी किसान और जवान को सिर्फ वोट के समय याद करती है। उनकी कथनी और करनी में अंतर है। उदयपुर के कन्हैया लाल मामले का जिक्र करते हुए कहा- तब कांग्रेस सरकार ने दो नौकरियां दी थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में राजनीति न करने की अपील की और कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन करेंगे। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अधिकारियों पर निर्भर हैं और अधिकारी भी फोन नहीं उठा रहे हैं। एएसआई के परिवार ने दी थी आंदोलन की चेतावनी एएसआई सुरेंद्र सिंह ओला की मौत के मामले में उनके परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने कुछ दिनों पहले नीमराना थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। परिजनों ने सरकार की निष्क्रियता के प्रति अपना रोष व्यक्त करते हुए 10 जनवरी से धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। परिजनों ने आक्रोशित हो कर कहा था कि उनके पिता मुख्यमंत्री भजनलाल के काफिले में ड्यूटी करते हुए जान गंवाई थी, लेकिन 23 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार ने परिवार को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 20 दिसंबर को उनके गांव माजरा काठ में जाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बेनीवाल ने किया यह ट्वीट.. परिवार ने रखी थी सरकार से ये मांगें एएसआई सुरेंद्र सिंह की बहन ने कहा- मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर सरकार की ओर से कदम उठाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी कोई प्रगति नहीं हुई है।


