डिंडौरी जिले के बजाग इलाके में आने वाले भोजे टोला गांव के लोग आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। देश की आजादी को 70 साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस गांव तक अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ दिलासा ही मिला है। करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में बिजली न होने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है, जिनकी पढ़ाई लिखाई पर बुरा असर पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि रात होते ही चारों तरफ गहरा अंधेरा छा जाता है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है। लोग शाम ढलने के बाद घर से बाहर निकलने में भी घबराते हैं और बुनियादी सुख-सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। झूठे भरोसे और आधे-अधूरे काम से बढ़ी नाराजगी ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जनसुनवाई से लेकर 181 हेल्पलाइन तक अपनी शिकायत दर्ज कराई है। एक बार शिकायत होने पर बिजली विभाग के कर्मचारी आए और लाइन चालू करने का वादा करके शिकायत बंद करवा दी, लेकिन काम के नाम पर गांव के बाहर सिर्फ कुछ खंभे गाड़कर छोड़ दिए गए। आरोप है कि शिकायत वापस होते ही विभाग ने गांव की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। कंपनी ने दिया जल्द बिजली पहुंचाने का भरोसा इस पूरे मामले पर बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि भोजे टोला गांव को ‘धरती आवा योजना’ में शामिल किया गया है। विभाग के मुताबिक, गांव में बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है और जल्द ही ग्रामीणों के घरों तक बिजली की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।


