अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जिले में शिक्षा के कथित व्यापारीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर 10 दिन के भीतर समाधान की मांग की है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम गगन मीणा से छात्रों की नोकझोंक भी हुई। छात्रों का आरोप है कि एसडीएम द्वारा “ज्ञापन दो और जाओ” कहने पर वे नाराज हो गए और उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। बाद में यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को सौंपा गया। ज्ञापन में परिषद ने आरोप लगाया कि श्योपुर जिले में संचालित डी.एड और बी.एड कॉलेज पूरी तरह से अवैध हैं। इन कॉलेजों के पास न तो पर्याप्त भवन हैं और न ही योग्य फैकल्टी। परिषद का दावा है कि ये कॉलेज केवल डिग्री बेचने का काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ट्राइबल एवं एजुकेशन विभाग के छात्रावासों में लंबे समय से पदस्थ अधीक्षकों की मनमानी का मुद्दा भी उठाया गया। परिषद ने बड़ौदा के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में सीमित कमरों में संचालन और बुनियादी सुविधाओं की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने जिले भर में शिक्षकों के अटैचमेंट को एक गंभीर समस्या बताया। परिषद ने पांच दिनों के भीतर सभी अटैचमेंट हटाकर शिक्षकों को उनकी मूल संस्थाओं में पदस्थ करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत कलारना में खेल मैदान के अभाव का मुद्दा उठाते हुए विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान हेतु भूमि आवंटन की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। परिषद के जिला संयोजक गणेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


