सार्वजनिक निर्माण विभाग अजमेर के अधिशाषी अभियंता विपिन जिंदल के साथ अधिवक्ताओं द्वारा की गई अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना ने अब पूरे प्रदेश में तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में आज झुंझुनूं जिले के समस्त विभागों के अभियंताओं और संवेदकों ने एकजुट होकर आक्रोश व्यक्त किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। झुंझुनूं के सार्वजनिक निर्माण विभाग परिसर में जिले के विभिन्न विभागों के अभियंताओं और संवेदकों की एक सभा आयोजित की गई। सभा में 19 दिसंबर को अजमेर में हुई घटना की निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि एक लोक सेवक के साथ कार्यस्थल पर इस तरह की हिंसा न केवल निंदनीय है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी अभियंताओं और संवेदकों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि जब तक दोषी अधिवक्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जिले में सभी निर्माण कार्यों और कार्यालयी कार्यों का पूर्ण रूप से बहिष्कार जारी रहेगा। इस आंदोलन के कारण जिले में चल रहे विकास कार्यों की गति थमने की आशंका प्रबल हो गई है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता सतीश चन्द्र गुप्ता, अधिशाषी अभियंता खेतड़ी प्रणव कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के दर्जनों तकनीकी अधिकारी और संवेदक मौजूद रहे।


