सागर की देवरी विधानसभा में पटवारी द्वारा विधायक बृजबिहारी पटेरिया पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को पटवारी संघ ने मामले को लेकर विरोध जताते हुए शांति मार्च निकाला। वे पैदल मार्च करते हुए कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। जहां विरोध स्वरूप उन्होंने तिरंगा सौंपा। उन्होंने पटवारी को न्याय दिलाने की बात कही। हालांकि इस दौरान उन्होंने कोई ज्ञापन नहीं सौंपा है। तिरंगा लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचे पटवारी
पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि देवरी में विधायक ने हमारे पटवारी के साथ अभद्रता और मारपीट की थी। जिसके विरोध में तीन दिन से सागर जिले में पटवारी हड़ताल पर हैं। इसी को लेकर आज सभी लोगों ने गांधीवादी तरीके से शांति मार्च निकालकर अपना विरोध जताया है। तिरंगा भेंटकर न्याय की बात कही गई है। अधिकारियों पर भरोसा जताया है कि वह न्याय करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पटवारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर सजा दी जाए। आरोप लगाने से कुछ नहीं होता है। यह था मामला
पटवारी संघ ने पिछले दिनों सौंपे ज्ञापन में बताया था कि 13 दिसंबर को गौरझामर मौजा के पटवारी दुर्गेश चढ़ार को अनुविभागीय अधिकारी के मौखिक आदेश पर आदिम जाति विभाग के जननायक सांस्कृतिक कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात किया गया था। रात के समय कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति देखने के लिए उन्हें थाना गौरझामर भेजा गया। जहां कोई मौजूद नहीं था। संघ का आरोप है कि इसके बाद देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने पटवारी को बुलवाया। विधायक ने पटवारी के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की। पटवारी संघ ने विधायक पर कार्रवाई की मांग की थी। इसी मामले को लेकर विधायक पटेरिया के समर्थकों ने भी पटवारी के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।


