शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब शहर के सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम चंडीगढ़ (MC Chandigarh) अब केवल सेग्रीगेटेड कचरा ही उठाएगा, जबकि मिश्रित कचरा देने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश नगर निगम आयुक्त अमित कुमार (IAS) ने मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ और डोर-टू-डोर कचरा संग्रह व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मिश्रित कचरा किसी भी स्थिति में न उठाया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन नगर निगम अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। 500 से 13,500 तक जुर्माना आयुक्त ने जानकारी दी कि कचरा सेग्रीगेशन के नियम तोड़ने पर 500 से लेकर 13,500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना प्रति उल्लंघन के आधार पर वसूला जाएगा। यानी बार-बार नियम तोड़ने पर जुर्माने की राशि और बढ़ सकती है। रजिस्टर में दर्ज होंगे नियम तोड़ने वाले नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहनों के ड्राइवरों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे घरों और दुकानों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करें, जो सेग्रीगेटेड कचरा नहीं दे रहे हैं। इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। औचक जांच, कर्मचारियों पर भी कार्रवाई नगर निगम के अनुसार सभी स्तरों पर औचक जांच (रैंडम चेकिंग) की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी नियमों की अनदेखी करता या जानबूझकर मिश्रित कचरा उठाता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि इस अभियान में जागरूकता और प्रवर्तन—दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। नागरिकों को कचरा सेग्रीगेशन के महत्व को समझाने के लिए IEC (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों को तेज किया जाएगा, लेकिन इसके साथ-साथ नियमों का पालन न करने वालों पर अनिवार्य रूप से चालान की कार्रवाई भी की जाएगी। गीला-सूखा कचरा अलग करना जरूरी नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को गीला कचरा (खाद्य अपशिष्ट, सब्जी-फल के छिलके) और सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि) अलग-अलग करके देना होगा। इससे कचरे के वैज्ञानिक निपटान और रिसाइक्लिंग में मदद मिलेगी। नागरिकों से सहयोग की अपील नगर निगम ने शहर के सभी निवासियों और व्यापारिक संस्थानों से अपील की है कि वे कचरे को स्रोत पर ही अलग करें और इस अभियान में सहयोग दें। नगर निगम का कहना है कि नागरिकों की सहभागिता से ही चंडीगढ़ को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सकता है।


