आगर मालवा की नई कृषि उपज मंडी में सोमवार को भारतीय किसान संघ की बैठक हुई। इसमें खास तौर पर पद्मश्री हुकुमचंद पाटीदार शामिल हुए, जिन्होंने किसानों को खेती के बदलते तरीकों और उसके खतरों के प्रति सचेत किया। पद्मश्री हुकुमचंद पाटीदार ने कहा कि ज्यादा फसल उगाने के चक्कर में किसान जिस तरह रसायनों (केमिकल) का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके नतीजे बहुत डरावने हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से आज कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर और लकवे जैसी गंभीर बीमारियां घर-घर पहुंच रही हैं। पाटीदार ने चेतावनी दी कि अगर हम समय रहते अपनी पुरानी और प्राकृतिक खेती की तरफ नहीं लौटे, तो न हमारी जमीन बचेगी और न ही लोग सुरक्षित रहेंगे। धरती की सेहत को लेकर जताई चिंता पाटीदार ने मिट्टी की घटती ताकत पर चिंता जताते हुए कहा कि जमीन में उपजाऊ तत्व (जैविक कार्बन) घटकर बहुत कम रह गया है। अगर हालत ऐसी ही रही, तो आने वाले समय में जमीन में बीज उगना भी बंद हो जाएगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि परंपरागत खेती अपनाएं, जिससे खेती की लागत कम होगी और अनाज भी शुद्ध पैदा होगा। उन्होंने मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जीवामृत और पंचगव्य के इस्तेमाल पर जोर दिया। सरकार से प्रोत्साहन राशि की मांग बैठक में भारतीय किसान संघ ने देश की कृषि नीति में बदलाव की मांग उठाई। संघ ने सुझाव दिया कि जो किसान जैविक खेती (बिना केमिकल वाली खेती) कर रहे हैं, सरकार को उनके खाते में सीधे मदद के तौर पर प्रोत्साहन राशि डालनी चाहिए। कार्यक्रम में संगठन के बड़े पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और जिले में चल रहे कामों की जानकारी दी।


