सिरोही जिला इंजीनियर संगठन के बैनर तले जिले के इंजीनियरों ने अजमेर में एक कार्यपालक अभियंता के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा, जिसमें आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर नारेबाजी भी की गई। संगठन द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया कि अजमेर में 19 दिसंबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विपिन जिंदल के साथ कुछ अधिवक्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और कार्य में बाधा डाली। इंजीनियरों ने इस घटना को अत्यंत गंभीर और राज्य प्रशासन की कार्य संस्कृति के प्रतिकूल बताया है। पत्र में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग सहित राज्य सरकार के सभी तकनीकी विभागों में कार्यरत अभियंता राज्य की आधारभूत संरचनाओं जैसे बिजली, सड़क, पुल, भवन, जलापूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं के नियोजन, निष्पादन और रखरखाव का उत्तरदायित्व निभाते हैं। यह घटना दर्शाती है कि वर्तमान कानूनी व्यवस्था अभियंताओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम नहीं है। इंजीनियरों ने मांग की है कि राज्य में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है, जिसके तहत ड्यूटी पर हिंसा और दुर्व्यवहार को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। इसी तर्ज पर राज्य के अभियंताओं के लिए भी एक अलग, स्पष्ट और कठोर कानून की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने अजमेर की घटना में दोषी अधिवक्ताओं के खिलाफ तत्काल निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, राज्य स्तर पर अभियंताओं की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी करने और सभी कलेक्टरों व पुलिस अधीक्षकों को अभियंताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी अपील की गई है।


