पंजाब के लोकपर्व लोहड़ी का उत्साह राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में भी कम नहीं है। यहां पंजाबी अरोड़ा और सिख परिवारों में लोहड़ी मनाने की परम्परा है। ऐसे में रविवार को पर्व का उत्साह देखते ही बनता था। आम तौर पर रविवार के दिन श्रीगंगानगर के बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। लोहड़ी के लिए लोगों ने जमकर खरीदारी की। मूंगफली, रेवड़ी, तिल, गुड़, खजूर, तिलपट्टी, तिल पापड़ी, गुड़ पापड़ी, मूंगफली की पापड़ी की डिमांड खूब है। एक अनुमान के अनुसार लोहड़ी पर इस बार श्रीगंगानगर जिले में करीब दो सौ से ढाई सौ क्विंटल तक मूंगफली, रेवड़ी, पापड़ी आदि बिकी है। थोक व्यापारी इसकी पुष्टि भी करते हैं। लोहडी पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन स्कूल कॉलेजों में आयोजन होंगे वहीं रात को लोग घरों आगे लोहड़ी जलाकर पूजा अर्चना के बाद मूंगफली, रेवड़ी, गजक, गुड़ पापड़ी आदि का प्रसाद वितरण करेंगे। चौमू की मूंगफली की डिमांड
मूंगफली के बिजनेस से जुड़े अरविंद कुमार बताते हैं कि मूंगफली बीकानेर के लूणकरणसर, सवाईमाधोपुर, जयपुर और चौमू से आती है। लोहड़ी नजदीक आने के साथ ही मूंगफली की डिमांड बढ़ जाती है। इस बार भी बड़ी मात्रा में मूंगफली की डिमांड आई है । वहीं गुड़ और तिल की पापड़ी की बात करें तो यह स्थानीय स्तर पर तो तैयार हो ही रही है। साथ ही पंजाब के बठिंडा और मुक्तसर व हरियाणा के डबवाली में भी लोगों ने इसकी छोटी फैक्ट्रियां लगाई हैंं। इन फैक्ट्री पर लोहड़ी पर खूब डिमांड भी निकली है। करीब 250 क्विंटल की डिमांड का अनुमान
गुड़ और तिल की पापड़ी के थोक विक्रेता रमेश कुमार बताते हैं कि लोहड़ी पर करीब 200 से 250 क्विंटल तक मूंगफली, तिल और गुड़ की पापड़ी की डिमांड निकलने का अनुमान है। रविवार को बाजार में खूब बिक्री हुई।


