अजमेर दरगाह पर उर्स पर प्रधानमंत्री की ओर से औपचारिक चादर चढ़ाने की परंपरा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष यह याचिका पेश की गई। इधर, अजमेर दरगाह में चल रहे 814वें सालाना उर्स पर पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से आज चादर चढ़ाई गई। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पीएम की ओर से भेजी गई चादर लेकर अजमेर पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री चादर पेश करने के बाद अब बुलंद दरवाजे पर मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात की गई। इससे पहले केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्किट हाउस में मीडिया से कहा था कि चादर पीएम, सरकार हम सभी की तरफ से है। पीएम के संदेश पर बोले कि मैं खुद आया हूं, मैं जो बोलूंगा वो ही संदेश होगा। चिराग पासवान की ओर से चादर पेश
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की ओर से चादर पेश की गई। यह चादर लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद साबिर ने पेश की। दरगाह के खादिम जुहूर बाबा चिश्ती ने उन्हें जियारत कराई। जियारत के बाद अकीदत और सम्मान के साथ चादर दरगाह शरीफ में पेश की गई। चादरपोशी के दौरान सूफियाना परंपराओं का पालन करते हुए मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
उर्स के मौके पर दरगाह में सुरक्षा और जायरीन की PHOTOS
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