पंजाबी महिला विकास समिति की महिलाओं ने लोहड़ी की पूर्व संध्या पर गुना में बजरंगगढ़ रोड़ स्थित एक गार्डन में उत्सव मनाया। इस दौरान महिलाएं लोहड़ी के गीतों पर जमकर थिरकीं। साथ ही आग के चारों तरफ घेरा बनाकर डांस किया। समिति की महिलाओं ने आग के चारों तरफ घेरा बनाकर उसमें मूंगफली, रेवड़ी और पॉपकॉर्न अर्पित किए। इसके बाद दुल्ला भाटी के गीत गाए। कार्यक्रम में महिलाओं ने कई खेल भी खेले। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सारिका लुंबा, पंजाबी महिला विकास समिति की अध्यक्ष अनुराधा लुंबा, सचिव राखी अरोरा, कोषाध्यक्ष रजनी अरोरा, उपाध्यक्ष राखी सूद, प्रिंसी बग्गा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। उत्तर भारत का प्रसिद्ध त्योहार है लोहड़ी
समिति अध्यक्ष अनुराधा लुंबा ने बताया कि लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति की पूर्व संध्या पर इस त्योहार का उल्लास रहता है। आम तौर पर इस पर्व की रात्रि में किसी खुले स्थान में परिवार एवं आस-पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बनाकर बैठते हैं। इस समय रेवड़ी, मूंगफली, लावा आदि खाकर पर्व मनाते हैं। उन्होंने बताया कि लोहड़ी को दुल्ला भाटी की एक कहानी से भी जोड़ा जाता हैं। लोहड़ी की सभी गीतों को भी दुल्ला भाटी से ही जुड़ा माना जाता है। यह भी कह सकते हैं कि लोहड़ी के गीतों का केंद्र बिंदु दुल्ला भाटी को ही बनाया जाता है। दुल्ला भाटी मुगल शासक अकबर के समय में पंजाब में रहता था। उसे पंजाब के नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उस समय संदल बार नामक जगह पर लड़कियों को गुलामी के लिए बल पूर्वक अमीर लोगों को बेच जाता था, जिसे दुल्ला भाटी ने एक योजना के तहत लड़कियों को मुक्त करवाया। उनकी शादी हिन्दू लड़कों से करवाई और उनकी शादी की सभी व्यवस्था भी करवाई। दुल्ला भाटी एक विद्रोही था और जिसकी वंशावली भाटी थी। उसके पूर्वज भाटी शासक थे जो की संदल बार में था। अब संदल बार पाकिस्तान में स्थित है। वह सभी पंजाबियों का नायक था। तस्वीरों में देखिए कार्यक्रम…


