प्रतापगढ़ में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के तत्वावधान में आयोजित विराट त्रिशूल दीक्षा और हिंदू महाकुंभ का आयोजन किया गया। वरमण्डल हवाई पट्टी पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 15 हजार लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें 7 हजार बजरंगियों को त्रिशूल दीक्षा दी गई। मुख्य अतिथि देवकीनंदन ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में त्रिशूल दीक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश और धर्म की रक्षा केवल किताबों से नहीं की जा सकती। युवाओं को देश और धर्म की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ठाकुर ने जातिवाद के विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज में जातिवाद का जहर फैला रहे हैं। उन्होंने सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर बल दिया और मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रसार प्रमुख दीपक शाह, अभ्यदास महाराज, क्रांतिकारी प्रवक्ता मनोज कश्यप, विहिप प्रांत सह मंत्री सुंदर कटारिया और बजरंग दल क्षेत्रीय संयोजक किशन भाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का भी जिक्र किया और कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान से पहले धर्म की रक्षा जरूरी है। उन्होंने सभी सनातनियों से धर्म परिवर्तन न करने का संकल्प भी दिलाया।


