शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जा रहे डंपर की चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा पोहरी–परीच्छा सड़क निर्माण स्थल के पास अहीर मारोरा नई पानी की टंकी के समीप हुआ, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान मोहन यादव (37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम परीच्छा का निवासी था। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। मोहन यादव सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। भाई ने दर्ज कराई रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई प्रकाश यादव (42 वर्ष) ने पोहरी थाने में घटना की मौखिक सूचना दी। प्रकाश यादव के अनुसार, उनका भाई मोहन यादव पोहरी–परीच्छा मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में काम कर रहा था। घटना के समय प्रकाश यादव अपने भाई को काम खत्म होने के बाद घर ले जाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। पीछे हटते समय डंपर ने मजदूर को कुचला प्रकाश यादव ने बताया कि उसी दौरान एक डंपर चालक ने वाहन को तेज गति और बिना सावधानी के पीछे की ओर चलाया। अचानक पीछे आते डंपर ने मोहन यादव को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मोहन जमीन पर गिर पड़ा और डंपर के पिछले पहियों के नीचे आ गया। हादसा इतना भीषण था कि मोहन यादव की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद मजदूर और लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे में शामिल डंपर पीले और नीले रंग का बताया गया है। डंपर का पंजीयन क्रमांक एमपी 07 एचबी 5062 है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पोहरी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने दर्ज किया मामला पोहरी थाना पुलिस ने फरियादी प्रकाश यादव की रिपोर्ट के आधार पर डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सड़क निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों और वाहन संचालन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा का सवाल उठा इस हादसे के बाद सड़क निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जाती, जिससे ऐसे हादसे होते हैं।


